यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय The Rise of Nationalism in Europe
घटनाएँ और प्रक्रियाएँ: निरंकुशवाद से राष्ट्र-राज्य की ओर यात्रा।
परिचय: सॉरयू का कल्पनादर्श (1848)
Introduction & Key Facts
फ्रेडरिक सॉरयू का स्वप्न
1848 में, फ्राँसीसी कलाकार फ्रेडरिक सॉरयू ने चार चित्रों की एक श्रृंखला बनाई जिसमें उन्होंने ‘जनतांत्रिक और सामाजिक गणतंत्रों’ के अपने सपनों का संसार रचा।
- चित्र का विषय: यूरोप और अमेरिका के लोग एक लंबी कतार में ‘स्वतंत्रता की प्रतिमा’ की वंदना कर रहे हैं।
- अग्रणी राष्ट्र: जुलूस का नेतृत्व संयुक्त राज्य अमेरिका और स्विट्जरलैंड कर रहे हैं, जो तब तक राष्ट्र-राज्य बन चुके थे।
- जर्मनी का झंडा: जर्मन लोग काला, लाल और सुनहरा झंडा थामे हैं। यह 1848 की उदारवादी उम्मीदों की अभिव्यक्ति है, क्योंकि उस समय तक जर्मन राष्ट्र एकजुट नहीं था।
- प्रतीक: प्रतिमा के एक हाथ में ‘ज्ञानोदय की मशाल’ और दूसरे में ‘मनुष्य के अधिकारों का घोषणापत्र’।
- ध्वस्त अवशेष: ज़मीन पर ‘निरांकुश संस्थाओं’ (Absolutist institutions) के टूटे हुए अवशेष बिखरे हैं।
- भाईचारा: ऊपर स्वर्ग से ईसा मसीह और फरिश्ते राष्ट्रों के बीच भाईचारे को आशीर्वाद दे रहे हैं।
अर्नेस्ट रेनन: ‘राष्ट्र क्या है?’ (1882)
रेनन ने इस विचार का खंडन किया कि राष्ट्र समान भाषा, नस्ल या धर्म से बनता है। उनके अनुसार:
- शौर्य-वीरता युक्त अतीत (साझा गौरव)।
- वर्तमान में एक समान इच्छा/संकल्प।
- भविष्य में साथ मिलकर काम करने का भाव।
राष्ट्र एक ‘व्यापक एकता’ (Large-Scale Solidarity) है। इनका होना स्वतंत्रता की गारंटी है।
1789: फ्राँसीसी क्रांति और राष्ट्र का विचार
First Expression of Nationalism
राष्ट्रवाद की पहली स्पष्ट अभिव्यक्ति 1789 की फ्राँसीसी क्रांति के साथ हुई। प्रभुसत्ता राजतंत्र से निकलकर नागरिकों के समूह में आ गई।
क्रांति का प्रसार: जब फ्रांस की घटनाओं की खबर यूरोप के अन्य शहरों में पहुँची, तो छात्रों और शिक्षित मध्यवर्ग ने जैकोबिन क्लब (Jacobin Clubs) बनाने शुरू किए। उनकी गतिविधियों ने 1790 के दशक में हॉलैंड, बेल्जियम, स्विट्जरलैंड और इटली में फ्रांसीसी सेनाओं के लिए रास्ता तैयार किया, जो अपने साथ राष्ट्रवाद का विचार लेकर गईं।
एंड्रियास रेबमान (Andreas Rebmann): एक जर्मन जैकोबिन पत्रकार। उसने 1798 में एक पंचांग का कवर बनाया जिसमें नारा था – “लोगों को अपनी आज़ादी मुट्ठी में कर लेनी चाहिए!”
सामूहिक पहचान बनाने के लिए उठाए गए कदम:
नेपोलियन और नागरिक संहिता (1804)
The Napoleonic Codeनेपोलियन ने प्रजातंत्र को नष्ट कर राजतंत्र वापस लाया, लेकिन प्रशासनिक क्षेत्र में उसने क्रांतिकारी सुधार किए। इसे नेपोलियन की संहिता कहा जाता है।
राइनलैंड का डाकिया (The Courier of Rhineland)
1813 में लाइप्सिग की लड़ाई हारकर फ्रांस लौटते हुए नेपोलियन को एक डाकिए के रूप में दर्शाया गया है। उसके झोले से गिरती हर चिट्ठी पर उन भूभागों के नाम लिखे हैं जिन्हें वह हार चुका है।
शुरुआत में, फ्रांसीसी सेनाओं का ब्रुसेल्स, मेंज, मिलान और वारसॉ जैसे शहरों में ‘स्वतंत्रता के अग्रदूत’ के रूप में स्वागत किया गया।
उत्साह जल्द ही दुश्मनी में बदल गया। ज्वेब्रकेन (जर्मनी) में एक तख्ती पर व्यंग्य लिखा था: “हमसे आज़ादी और समानता ले लो – यह मानवता का आदर्श रूप है।”
सकारात्मक सुधार
- जन्म पर आधारित विशेषाधिकार समाप्त।
- क़ानून के समक्ष बराबरी और संपत्ति का अधिकार।
- सामंती व्यवस्था (Feudalism) का अंत।
- किसानों को भू-दासत्व और जागीरदारी शुल्कों से मुक्ति।
- यातायात और संचार में सुधार।
नकारात्मक प्रभाव
- राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं थी (प्रजातंत्र नष्ट)।
- बढ़े हुए कर (Taxes)।
- सेंसरशिप (प्रेस और किताबों पर पाबंदी)।
- बाक़ी यूरोप को जीतने के लिए फ्राँसीसी सेना में जबरन भर्ती।
नेपोलियन का युग (The Age of Napoleon)
Expansion & Fall (1799-1815)
नेपोलियन बोनापार्ट ने न केवल फ्रांस बल्कि पूरे यूरोप के इतिहास को बदल दिया। उसने फ्रांसीसी क्रांति के सिद्धांतों को अपने विजित क्षेत्रों में लागू किया, जिससे यूरोप में राष्ट्रवाद की नींव पड़ी।
साम्राज्य विस्तार और प्रभाव
- 1797: नेपोलियन ने इटली पर हमला किया, जिससे नेपोलियाई युद्धों की शुरुआत हुई।
- 1804: उसने खुद को फ्रांस का सम्राट घोषित किया।
- राइन महासंघ (Confederation of the Rhine): नेपोलियन ने 39 जर्मन राज्यों का एक महासंघ बनाया, जिसने जर्मन एकीकरण का मार्ग प्रशस्त किया।
- इटली: उसने इटली के छोटे-छोटे राज्यों को पुनर्गठित किया, जिससे वहां एकता की भावना जागी।
नेपोलियन का पतन (The Fall)
उसकी विस्तारवादी नीतियों ने अन्य यूरोपीय शक्तियों को एकजुट कर दिया।
- 1813: लाइप्सिग की लड़ाई में हार (जैसा कि ‘डाकिया’ चित्र में दिखाया गया है)।
- 1815: वाटरलू की लड़ाई (Battle of Waterloo): ब्रिटेन, रूस, प्रशा और ऑस्ट्रिया की संयुक्त सेनाओं ने नेपोलियन को अंतिम रूप से हराया।
“नेपोलियन को हरा दिया गया, लेकिन उसके द्वारा लाए गए प्रशासनिक सुधार और राष्ट्रवाद के बीज यूरोप की मिट्टी में गहरे दब गए, जो 1815 के बाद फिर से अंकुरित हुए।”
यूरोप में राष्ट्रवाद का निर्माण
Aristocracy vs Middle Class
मध्य-18वीं सदी में कोई ‘राष्ट्र-राज्य’ नहीं थे। पूर्वी और मध्य यूरोप निरंकुश राजतंत्रों के अधीन थे जहाँ विविध तरह के लोग रहते थे।
हैब्सबर्ग साम्राज्य (Habsburg Empire): एक ‘पैबंद’ (Patchwork)
ऑस्ट्रिया-हंगरी पर शासन करने वाला साम्राज्य कई अलग-अलग क्षेत्रों और जनसमूहों को जोड़कर बना था:
- ऐल्प्स (टिरॉल, ऑस्ट्रिया, सुडेटेनलैंड) + बोहेमिया: यहाँ कुलीन वर्ग जर्मन भाषी था।
- लॉम्बार्डी और वेनेशिया: यहाँ इतालवी भाषी लोग थे।
- हंगरी: आधे लोग मैग्यार (Magyar) भाषा बोलते थे, बाकी विभिन्न बोलियाँ।
- गालीसिया: कुलीन वर्ग पोलिश भाषा बोलता था।
- किसान समूह: बोहेमियन, स्लोवाक (उत्तर), स्लोवेन्स (कार्निओला), क्रोएट (दक्षिण), राउमन (पूर्व)।
इन सब में एकता का एकमात्र बंधन सम्राट के प्रति निष्ठा थी।
कुलीन वर्ग (Aristocracy)
- सामाजिक और राजनीतिक रूप से प्रभुत्वशाली।
- ज़मीन के मालिक और फ्रेंच भाषा का प्रयोग।
- परिवार वैवाहिक बंधनों से जुड़े हुए।
- संख्या में छोटा समूह।
नया मध्यवर्ग (New Middle Class)
- औद्योगिकीकरण और व्यापार के विकास से उभरा।
- इसमें उद्योगपति, व्यापारी और पेशेवर शामिल थे।
- विचार: शिक्षित और उदारवादी।
- यही वर्ग राष्ट्रीय एकता और कुलीन विशेषाधिकारों की समाप्ति का पक्षधर था।
उदारवादी राष्ट्रवाद (Liberal Nationalism)
- सहमति से बनी सरकार।
- कानून के समक्ष बराबरी (लेकिन सबके लिए वोट नहीं)।
- निरंकुश शासन और पादरी विशेषाधिकारों का अंत।
- संविधान और संसदीय सरकार।
- निजी संपत्ति के स्वामित्व की अनिवार्यता।
- बाज़ारों की मुक्ति।
- चीज़ों और पूँजी के आवागमन पर राज्य नियंत्रण का खात्मा।
- उदाहरण: 1834 में ज़ॉल्वेराइन (Zollverein) शुल्क संघ का गठन, जिसने शुल्क अवरोध खत्म किए और मुद्राओं की संख्या 30 से 2 कर दी।
1833 में, कपड़े को नापने का पैमाना ‘ऐले’ (Elle) था, जिसकी लंबाई जगह के साथ बदलती थी। यह व्यापार में बड़ी बाधा थी:
• फ्रैंकफर्ट: 54.7 सेमी
• मेंज: 55.1 सेमी
• न्यूरेम्बर्ग: 65.6 सेमी
• फ्राईबर्ग: 53.5 सेमी
1815 के बाद नया रूढ़िवाद और वियना संधि
नेपोलियन की हार के बाद, यूरोपीय सरकारें रूढ़िवाद (Conservatism) की भावना से प्रेरित थीं।
“आधुनिकीकरण (जैसे आधुनिक सेना, कुशल नौकरशाही) वास्तव में राजतंत्र जैसी पारंपरिक संस्थाओं को मजबूत बना सकता है।”
वियना कांग्रेस (1815): ब्रिटेन, रूस, प्रशा और ऑस्ट्रिया ने मिलकर यूरोप का नया समझौता तैयार किया।
मेज़बानी: ऑस्ट्रिया के चांसलर ड्यूक मेटरनिख़।
- ➤ फ्रांस में बुर्बों वंश की बहाली।
- ➤ फ्रांस की सीमाओं पर नए राज्य (नीदरलैंड्स, जिनेवा) कायम किए गए।
- ➤ प्रशा को पश्चिमी सीमा पर नए इलाक़े मिले।
- ➤ ऑस्ट्रिया को उत्तरी इटली का नियंत्रण मिला।
- ➤ नेपोलियन का 39 राज्यों का जर्मन महासंघ बरकरार रहा।
दमन के डर से उदारवादी भूमिगत हो गए। उनका मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता और राष्ट्र-राज्यों का निर्माण था।
‘यंग इटली’ का संस्थापक। मेटरनिख़ ने उसे “सामाजिक व्यवस्था का सबसे ख़तरनाक दुश्मन” कहा।
क्रांतियों का युग (1830-1848)
Liberalism & Nationalism
फ्रांस में बुर्बों राजाओं को उखाड़ फेंका गया। लुई फ़िलिप के नेतृत्व में संवैधानिक राजतंत्र स्थापित।
“जब फ्रांस छींकता है तो बाक़ी यूरोप को सर्दी-ज़ुकाम हो जाता है।” – मेटरनिख़
1821 से संघर्ष शुरू। पश्चिमी यूरोप और कवियों (लॉर्ड बायरन) का समर्थन। 1832 की कुस्तुनतुनिया की संधि ने यूनान को स्वतंत्र राष्ट्र घोषित किया।
रूमानी कल्पना और राष्ट्रीय भावना (Romanticism)
राष्ट्रवाद केवल युद्ध से नहीं, संस्कृति (काव्य, कहानी, संगीत) से भी फैला। रूमानीवाद ने तर्क-वितर्क और विज्ञान के बजाय भावनाओं और लोक-संस्कृति पर ज़ोर दिया।
- योहान गॉटफ़्रीड: जर्मन संस्कृति आम लोगों (das volk) में निहित है। लोकगीत/नृत्य राष्ट्र की आत्मा (volkgeist) हैं।
- यूजीन देलाक्रोआ (Eugene Delacroix): फ्रांसीसी चित्रकार। उनकी पेंटिंग ‘द मसैकर ऐट किऑस’ (1824) ने तुर्कों द्वारा यूनानियों की हत्या को चित्रित कर सहानुभूति जगाई।
- पोलैंड: संगीत (ओपेरा) और भाषा को राष्ट्रीय प्रतिरोध का हथियार बनाया गया। कैरोल कुर्पिस्की ने राष्ट्रीय संघर्ष का अपने ओपेरा से गुणगान किया।
- भाषा का संघर्ष: रूसी कब्जे के बाद, पोलिश भाषा को स्कूलों से हटाकर रूसी लादी गई। पादरियों और बिशपों ने धार्मिक शिक्षा में पोलिश का इस्तेमाल जारी रखा, जिसके लिए उन्हें जेल या साइबेरिया भेजा गया।
- ग्रिम बंधु: जर्मन लोककथाओं को इकट्ठा कर राष्ट्रीय पहचान को मज़बूत किया।
भूख, कठिनाइयाँ और जन विद्रोह (1830 का दशक)
Economic Hardship
आर्थिक मंदी के कारण:
- 19वीं सदी के पूर्वार्ध में यूरोप में जनसंख्या में भारी वृद्धि।
- ग्रामीणों का शहरों की ओर पलायन जिससे गंदी बस्तियों में भीड़ बढ़ी।
- इंग्लैंड से आयातित सस्ते मशीनी कपड़े से लघु उत्पादकों को कड़ी प्रतिस्पर्धा।
- खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने या फसल खराब होने से व्यापक गरीबी।
सिलेसिया के बुनकरों का विद्रोह (1845)
सिलेसिया में बुनकरों ने उन ठेकेदारों के खिलाफ विद्रोह किया जो उन्हें कच्चा माल देते थे लेकिन तैयार माल का बहुत कम दाम देते थे।
1848: उदारवादियों की क्रांति
Frankfurt Parliament & Women’s Rights
जब गरीब विद्रोह कर रहे थे, तब शिक्षित मध्यवर्ग ने भी राजा के खिलाफ क्रांति कर दी। वे संविधानवाद और राष्ट्रीय एकीकरण की माँग कर रहे थे।
फ्रैंकफ़र्ट संसद (Frankfurt Parliament)
- घटना: 18 मई 1848 को 831 निर्वाचित प्रतिनिधि एक जुलूस में फ्रैंकफर्ट शहर के सेंट पॉल चर्च में जमा हुए।
- उद्देश्य: जर्मन राष्ट्र के लिए एक संविधान का प्रारूप तैयार करना। राष्ट्र की अध्यक्षता एक राजा को सौंपी गई जिसे संसद के अधीन रहना था।
- विफलता: जब प्रतिनिधियों ने प्रशा के राजा फ्रेडरिक विल्हेम चतुर्थ को ताज पहनाना चाहा, तो उसने उसे ठुकरा दिया और उन राजाओं का साथ दिया जो संसद के विरोधी थे।
- परिणाम: संसद में मध्यवर्ग का प्रभाव अधिक था जिन्होंने मजदूरों की माँगों का विरोध किया, जिससे उन्होंने जन-समर्थन खो दिया। अंततः सैनिकों ने असेंबली को भंग कर दिया।
राष्ट्रवादी संघर्षों में महिलाओं की भूमिका
उदारवादी आंदोलन में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया:
- राजनीतिक संगठन स्थापित किए।
- अखबार शुरू किए (जैसे लुईस ओटो-पीटर्स का नारीवादी अखबार)।
- राजनीतिक बैठकों और प्रदर्शनों में हिस्सा लिया।
परिणाम: राजनीतिक अधिकारों से वंचित
“जब फ्रैंकफर्ट संसद की सभा आयोजित हुई, तो महिलाओं को केवल प्रेक्षकों (Observers) की हैसियत से दर्शक दीर्घा (Visitor’s Gallery) में खड़े होने दिया गया।”
विरोधी विचार: फ्रैंकफर्ट संसद के सदस्य कार्ल वेल्कर (Carl Welcker) ने तर्क दिया कि “प्रकृति ने पुरुषों और महिलाओं को अलग कार्य दिए हैं… महिला का क्षेत्र घर और परिवार है,” इसलिए उन्हें बराबरी नहीं मिलनी चाहिए।
जर्मनी और इटली का निर्माण
Nation States Formation
जर्मनी: क्या सेना राष्ट्र की निर्माता हो सकती है?
1866-18711848 के बाद, यूरोप में राष्ट्रवाद जनतंत्र और क्रांति से दूर हो गया। रूढ़िवादियों ने राज्य की शक्ति बढ़ाने और यूरोप पर राजनीतिक प्रभुत्व हासिल करने के लिए राष्ट्रवादी भावनाओं का इस्तेमाल किया।
प्रशा का प्रमुख मंत्री। उसने “लौह और रक्त” (Iron and Blood) की नीति अपनाई और प्रशा की सेना और नौकरशाही की मदद ली।
एकीकरण की प्रक्रिया (Step-by-Step)
-
तीन युद्ध – सात वर्ष
प्रशा ने 7 वर्षों के दौरान तीन युद्ध लड़े — ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और फ्रांस के खिलाफ। तीनों में प्रशा की जीत हुई और एकीकरण की प्रक्रिया पूरी हुई।
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वर्साय में उद्घोषणा (जनवरी 1871)
बेहद ठंडी सुबह में, जर्मन राज्यों के राजकुमारों, सेना के प्रतिनिधियों और बिस्मार्क ने वर्साय के महल के ‘शीशमहल’ (Hall of Mirrors) में सभा की और प्रशा के कैसर विलियम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया।
-
राष्ट्र निर्माण और आधुनिकीकरण
नए जर्मन राज्य में मुद्रा, बैंकिंग, कानूनी और न्यायिक प्रणालियों के आधुनिकीकरण पर जोर दिया गया। प्रशा के मॉडल (तरीके) बाकी जर्मनी के लिए आदर्श बन गए।
इटली का एकीकरण
बिखरा हुआ राजवंश से एकीकृत राष्ट्र तक (1859-1870)
राजनीतिक विखंडन और एकीकरण
विखंडित इटली (ऐतिहासिक परिदृश्य)
एकीकरण की प्रक्रिया (एनिमेटेड)
19वीं सदी के मध्य में इटली 7 राज्यों में बँटा हुआ था। केवल सार्डिनिया-पीडमॉन्ट में एक इतालवी राजघराने का शासन था।
एकीकरण के नायक (The Heroes)
विचारक। ‘यंग इटली’ के जरिए गणतंत्र का सपना देखा। 1831 और 1848 के विद्रोह विफल रहे, जिससे जिम्मेदारी राजा पर आ गई।
मुख्यमंत्री। न क्रांतिकारी, न जनतंत्रवादी। फ्रेंच भाषा बेहतर बोलता था। फ्रांस से कूटनीतिक संधि की और 1859 में ऑस्ट्रियाई बलों को हराया।
सशस्त्र स्वयंसेवक (Red Shirts) का नेतृत्व। 1860 में दक्षिण इटली और दो सिसिलियों के राज्य में प्रवेश किया। स्पेनिश शासकों को हटाने के लिए किसानों का समर्थन जीता।
1861 में उन्हें एकीकृत इटली का राजा घोषित किया गया। उनके नेतृत्व में इटली का विकास हुआ।
जिन अनपढ़ किसानों ने गैरीबाल्डी का समर्थन किया, उन्होंने ‘इटालिया’ (Italia) के बारे में कभी नहीं सुना था। वे मानते थे कि ‘ला टालिया’ (La Talia) विक्टर एमेनुएल की पत्नी का नाम था!
ब्रिटेन की अजीब दास्तान
ब्रिटेन में राष्ट्र निर्माण किसी उथल-पुथल या क्रांति का परिणाम नहीं, बल्कि एक लंबी प्रक्रिया थी।
दमन: स्कॉटिश हाइलैंड्स और आयरिश कैथोलिकों का दमन किया गया। ब्रिटिश झंडा (यूनियन जैक) और राष्ट्रगान थोपा गया।
राष्ट्र की दृश्य-कल्पना
Allegory & Symbols
कलाकारों ने राष्ट्र का मानवीकरण किया और उसे नारी भेष (Allegory) में प्रस्तुत किया।
ईसाई नाम: मारिआन।
प्रतीक: लाल टोपी, तिरंगा, और कलगी।
इसका उद्देश्य जनता में राष्ट्रीय एकता की भावना भरना था। इसकी प्रतिमाएँ चौराहों पर लगाई गईं और डाक टिकटों पर छापी गईं।
प्रतीक: बलूत (Oak) के पत्तों का मुकुट।
अर्थ: जर्मन बलूत ‘वीरता’ का प्रतीक है।
चित्र में वह राइन नदी की पहरेदारी करती हुई तलवार थामे खड़ी है।
प्रतीकों का अर्थ (Meanings of Symbols)
| गुण/प्रतीक (Attribute) | महत्त्व (Significance) |
|---|---|
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टूटी हुई बेड़ियाँ
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आज़ादी मिलना (Being freed) |
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बाज़-छाप कवच
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जर्मन साम्राज्य की शक्ति (Symbol of German empire strength) |
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बलूत पत्तियों का मुकुट
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बहादुरी (Heroism) |
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तलवार
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मुक़ाबले की तैयारी (Readiness to fight) |
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तलवार पर लिपटी जैतून की डाली
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शांति की चाह (Willingness to make peace) |
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काला, लाल और सुनहरा तिरंगा
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1848 में उदारवादी-राष्ट्रवादियों का झंडा (जिसे ड्यूक्स ने प्रतिबंधित किया) |
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उगते सूर्य की किरणें
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एक नए युग का सूत्रपात (Beginning of a new era) |
राष्ट्रवाद और साम्राज्यवाद
The Road to WWI
19वीं सदी के अंत तक राष्ट्रवाद का आदर्शवादी स्वरूप खत्म हो गया और यह संकीर्ण बन गया। बड़ी शक्तियों ने अपनी साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाओं के लिए इसका इस्तेमाल किया।
- क्षेत्र: भौगोलिक और जातीय विविधता वाला क्षेत्र जिसमें आधुनिक रोमानिया, बुल्गेरिया, अल्बेनिया, यूनान, मेसिडोनिया, क्रोएशिया, बोस्निया-हर्जेगोविना, स्लोवेनिया, सर्बिया और मॉन्टिनिग्रो शामिल थे।
- निवासी: इन निवासियों को आमतौर पर स्लाव (Slavs) पुकारा जाता था।
- कारण: ऑटोमन साम्राज्य का विघटन और रूमानी राष्ट्रवाद का प्रसार।
- प्रतिस्पर्धा: बाल्कन राज्य एक-दूसरे से ईर्ष्या करते थे और इलाका हथियाना चाहते थे।
- महाशक्तियाँ: रूस, जर्मनी, इंग्लैंड और ऑस्ट्रिया-हंगरी ने अपने प्रभाव के लिए इस क्षेत्र में हस्तक्षेप किया।
- परिणाम: कई युद्ध हुए और अंततः प्रथम विश्व युद्ध (1914) हुआ।
राष्ट्रवाद: अवधारणा और संदर्भ
Concept & Indian Context
राष्ट्रवाद का अर्थ
राष्ट्रवाद (Nationalism) वह भावना है जो लोगों के समूह को एक साझा पहचान, इतिहास, संस्कृति या भाषा के आधार पर एकजुट करती है। यह अपने राष्ट्र के प्रति प्रेम और निष्ठा की भावना है।
“राष्ट्र एक रोज़ाना होने वाला जनमत-संग्रह (Daily Plebiscite) है।”
– अर्नेस्ट रेनन
“सच्चा राष्ट्रवाद मानवतावादी होता है; यह दूसरे राष्ट्रों का सम्मान करता है।”
भारतीय संदर्भ (Indian Context)
यूरोप और भारत में राष्ट्रवाद के उदय में एक बुनियादी अंतर है:
- यूरोप यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय राष्ट्र-राज्यों (Nation States) के गठन से जुड़ा था। (जैसे: जर्मनी, इटली का बनना)।
- भारत भारत (और वियतनाम जैसे उपनिवेशों) में राष्ट्रवाद का उदय उपनिवेशवाद विरोधी आंदोलन (Anti-colonial movement) से जुड़ा था।
महत्वपूर्ण व्यक्तित्व
Key Historical Figures
फ्रेडरिक सॉरयू
फ्रांसीसी कलाकार जिसने 1848 में ‘जनतांत्रिक और सामाजिक गणतंत्रों’ के चार चित्रों की श्रृंखला बनाई।
नेपोलियन बोनापार्ट
फ्रांसीसी शासक (1804-1815)। प्रशासनिक सुधार (नेपोलियन संहिता 1804) लागू किए, लेकिन राजनीतिक स्वतंत्रता छीन ली।
लुई फिलिप
1830 की क्रांति के बाद फ्रांस का संवैधानिक राजा बना। 1848 की क्रांति में उसे भागना पड़ा।
अर्नेस्ट रेनन
फ्रांसीसी दार्शनिक। प्रसिद्ध निबंध “राष्ट्र क्या है?” (1882) में राष्ट्र की आधुनिक परिभाषा दी।
ज्युसेपी मेत्सिनी
इतालवी क्रांतिकारी। जेनोआ में जन्म (1807)। ‘यंग इटली’ और ‘यंग यूरोप’ का संस्थापक।
कावूर (Cavour)
सार्डिनिया-पीडमॉण्ट का प्रधानमंत्री। कूटनीतिज्ञ। उत्तरी इटली के एकीकरण का मुख्य वास्तुकार।
ज्युसेपी गैरीबाल्डी
स्वतंत्रता सेनानी और नाविक। 1834-1848 तक दक्षिण अमेरिका में निर्वासन में रहे। 1860 में ‘रेड शर्ट्स’ (सशस्त्र स्वयंसेवक) का नेतृत्व किया।
विक्टर एमेनुएल द्वितीय
सार्डिनिया-पीडमॉण्ट का राजा जो 1861 में एकीकृत इटली का प्रथम शासक बना।
ऑटो वॉन बिस्मार्क
प्रशा का मुख्यमंत्री। जर्मनी के एकीकरण का जनक। ‘लौह और रक्त’ (Blood and Iron) की नीति अपनाई।
कैसर विलियम प्रथम
प्रशा का राजा जिसे 1871 में वर्साय में एकीकृत जर्मनी का सम्राट घोषित किया गया।
योहान गॉटफ्रीड
जर्मन दार्शनिक। रूमानीवाद। दावा किया कि सच्ची जर्मन संस्कृति आम लोगों (das volk) में निहित है।
ग्रिम बंधु
जर्मन विद्वान (जेकब और विल्हेम)। लोककथाओं को इकट्ठा किया और 33 खंडों में जर्मन शब्दकोश प्रकाशित किया।
ड्यूक मेटरनिख़
ऑस्ट्रिया का चांसलर। 1815 वियना कांग्रेस का मेजबान। “जब फ्रांस छींकता है…” प्रसिद्ध कथन। रूढ़िवाद का प्रतीक।
लॉर्ड बायरन
अंग्रेज़ कवि। यूनान के स्वतंत्रता संग्राम के लिए धन जुटाया और युद्ध में लड़ने गए। 1824 में मृत्यु।
लुईस ओटो-पीटर्स
राजनैतिक कार्यकर्ता। महिलाओं की पत्रिका और नारीवादी संगठन की स्थापना की। अधिकारों के लिए लड़ीं।
वोल्फ़ टोन (Wolfe Tone)
आयरिश क्रांतिकारी। 1798 में ‘यूनाइटेड आयरिशमेन’ के नेतृत्व में ब्रिटिश शासन के खिलाफ असफल विद्रोह किया।
एंड्रियास रेबमान
जर्मन जैकोबिन पत्रकार। 1798 में जर्मन पंचांग का कवर डिजाइन किया और स्वतंत्रता का नारा दिया।
जनरल वॉन रून
प्रशाई सेना के मुख्य कमांडर। जर्मनी के एकीकरण में बिस्मार्क के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रमुख तिथियाँ और स्थान
Timeline & Locations
महत्वपूर्ण घटनाक्रम (Timeline)
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1688 | इंग्लैंड की शानदार क्रांति (संसद ने राजतंत्र से ताकत छीनी)। |
| 1707 | एक्ट ऑफ यूनियन (इंग्लैंड और स्कॉटलैंड का विलय)। |
| 1789 | फ्रांसीसी क्रांति (राष्ट्रवाद की पहली अभिव्यक्ति)। |
| 1797 | नेपोलियन का इटली पर हमला; नेपोलियाई युद्ध शुरू। |
| 1798 | आयरलैंड में वोल्फ़ टोन का असफल विद्रोह। |
| 1804 | नेपोलियन संहिता (नागरिक संहिता) लागू। |
| 1814-15 | नेपोलियन का पतन; वियना शांति संधि। |
| 1821 | यूनानी स्वतंत्रता संग्राम प्रारंभ। |
| 1830 | फ्रांस में जुलाई क्रांति। |
| 1832 | कुस्तुनतुनिया की संधि (यूनान स्वतंत्र राष्ट्र बना)। |
| 1834 | जॉल्वेराइन (शुल्क संघ) की स्थापना। |
| 1848 | यूरोप में क्रांतियाँ; फ्रैंकफर्ट संसद। |
| 1859-70 | इटली का एकीकरण। |
| 1861 | विक्टर एमेनुएल द्वितीय संयुक्त इटली के राजा बने। |
| 1866-71 | जर्मनी का एकीकरण। |
| 1871 | विलियम प्रथम जर्मनी के सम्राट घोषित। |
| 1905 | हैब्सबर्ग और ऑटोमन साम्राज्यों में स्लाव राष्ट्रवाद मजबूत होता है। |
| 1914 | प्रथम विश्व युद्ध का आरंभ। |
🌍 प्रमुख स्थान (Key Places)
- वियना (Vienna) ऑस्ट्रिया की राजधानी। 1815 की कांग्रेस यहीं हुई जहाँ यूरोप का नया नक्शा खींचा गया।
- फ्रैंकफर्ट (Frankfurt) जर्मनी का शहर। सेंट पॉल चर्च में ‘फ्रैंकफर्ट संसद’ (1848) आयोजित हुई।
- वर्साय (Versailles) फ्रांस का महल जहाँ 1871 में जर्मन साम्राज्य की घोषणा (हॉल ऑफ मिरर्स) हुई।
- सार्डिनिया-पीडमॉण्ट इतालवी राजघराने वाला एकमात्र राज्य जिसने इटली के एकीकरण का नेतृत्व किया।
- बाल्कन (Balkans) भौगोलिक और जातीय विविधता वाला तनावपूर्ण क्षेत्र (सर्बिया, बुल्गेरिया आदि)। प्रथम विश्व युद्ध का कारण।
- सिलेसिया (Silesia) वह स्थान जहाँ 1845 में बुनकरों ने ठेकेदारों के खिलाफ हिंसक विद्रोह किया था।
परीक्षा उपयोगी रिवीज़न (Quick Revision Points)
फ्रांसीसी क्रांति (1789)
राष्ट्रवाद की पहली अभिव्यक्ति। प्रभुसत्ता राजतंत्र से नागरिकों में हस्तांतरित। ‘ला पैट्री’ (पितृभूमि) और ‘ले सिटोयेन’ (नागरिक) के विचारों ने संयुक्त समुदाय पर बल दिया।
नेपोलियन संहिता (1804)
जन्म आधारित विशेषाधिकार समाप्त। कानून के समक्ष समानता। संपत्ति का अधिकार सुरक्षित। प्रशासनिक विभाजनों को सरल बनाया।
वियना संधि (1815)
उद्देश्य: नेपोलियन द्वारा लाए गए बदलावों को खत्म करना। बूर्बो वंश की बहाली। फ्रांस की सीमाओं पर नए राज्य ताकि विस्तार रोका जा सके।
उदारवादी राष्ट्रवाद (Liberal Nationalism)
राजनीतिक: सहमति से बनी सरकार, संविधान। आर्थिक: बाजारों की मुक्ति (जैसे 1834 में जॉल्वेराइन शुल्क संघ का गठन)।
क्रांतियों का युग (1830-1848)
जुलाई 1830 (फ्रांस में बूर्बो राजा हटाए गए)। यूनान का स्वतंत्रता संग्राम (1832 की कुस्तुनतुनिया संधि)। 1848 की फ्रैंकफर्ट संसद (विफल रही)।
जर्मनी का एकीकरण (1871)
नेतृत्व: प्रशा। वास्तुकार: ऑटो वॉन बिस्मार्क (‘लौह और रक्त’ की नीति)। 7 वर्षों में 3 युद्ध (ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, फ्रांस)। वर्साय में विलियम प्रथम सम्राट बने।
इटली का एकीकरण (1861)
मेत्सिनी (विचार/यंग इटली), कावूर (कूटनीति), गैरीबाल्डी (सशस्त्र बल/रेड शर्ट्स), और विक्टर एमेनुएल द्वितीय (राजा)।
ब्रिटेन का निर्माण
कोई क्रांति नहीं, लंबी प्रक्रिया। 1688 (संसद की शक्ति)। 1707 (एक्ट ऑफ यूनियन – स्कॉटलैंड)। 1801 (आयरलैंड का विलय)। ब्रिटिश पहचान थोपी गई।
रूपक (Allegory)
राष्ट्र का मानवीकरण। मारिआन (फ्रांस – लाल टोपी, तिरंगा) और जर्मेनिया (जर्मनी – बलूत के पत्तों का मुकुट, वीरता)।
बाल्कन तनाव और प्रथम विश्व युद्ध (1914)
ऑटोमन साम्राज्य के विघटन से बाल्कन क्षेत्र (स्लाव) में तनाव। बड़ी शक्तियों (रूस, जर्मनी, इंग्लैंड) की प्रतिस्पर्धा ने 1914 के महायुद्ध को जन्म दिया।