RAS (प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा) हेतु अध्याय

संकलन आधार: राज्य सरकार एवं भारत सरकार के आधिकारिक प्रकाशन (संदर्भ सूची अध्याय के अंत में)


इस अध्याय को कैसे पढ़ें

  • हर तथ्य के बाद वर्ग कोष्ठक में स्रोत संख्या और पृष्ठ दिया है, जैसे [1, पृ. 9]। स्रोत संख्या का पूरा विवरण अंत की संदर्भ सूची में है।
  • जहाँ दो आधिकारिक स्रोतों के आंकड़े अलग हैं, वहाँ दोनों दिए गए हैं और उन्हें "आंकड़ों में अंतर" शीर्षक से चिह्नित किया गया है। परीक्षा में प्रश्न जिस स्रोत पर आधारित हो, उसी का आंकड़ा मान्य होगा।
  • "अग्रिम अनुमान" (Advance Estimate) बाद में "अंतिम अनुमान" (Final Estimate) से बदल जाते हैं। उत्तर लिखते समय वर्ष के साथ अनुमान का चरण भी लिखें।
  • जो जानकारी केवल कोचिंग/एग्रीगेटर वेबसाइटों, समाचार या सोशल मीडिया में मिली और आधिकारिक दस्तावेज़ से सत्यापित नहीं हुई, उसे मुख्य पाठ में नहीं रखा गया। वह अलग से खंड 18 (परिशिष्ट) में है और उसके स्रोत [S1], [S2] जैसे चिह्नों से दिए गए हैं।
  • ज़िलों की संख्या: 28 दिसंबर 2024 के मंत्रिमंडल निर्णय के बाद राज्य में 41 ज़िले और 7 संभाग हैं। दूदू, केकड़ी, शाहपुरा, नीमकाथाना, सांचौर, अनूपगढ़, गंगापुर सिटी, जयपुर ग्रामीण और जोधपुर ग्रामीण ज़िले समाप्त किए गए; बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा, फलोदी और सलूम्बर यथावत रहे [11]। कृषि सांख्यिकी 2023-24 का प्रकाशन पुराने 50 ज़िलों के ढांचे में है [2]।

1. राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि का स्थान

1.1 सकल राज्य मूल्य वर्धन (GSVA) में योगदान

  • कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का GVA चालू मूल्यों पर वर्ष 2021-22 में ₹3.23 लाख करोड़ था, जो 2025-26 में ₹4.41 लाख करोड़ हो गया। यह 8.10 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) है [1, पृ. 2]।
  • स्थिर (2011-12) मूल्यों पर यही GVA ₹1.92 लाख करोड़ (2021-22) से ₹2.23 लाख करोड़ (2025-26) हुआ; CAGR 3.82 प्रतिशत [1, पृ. 2]।
  • वर्ष 2025-26 में चालू मूल्यों पर राज्य के GVA में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का हिस्सा 25.74 प्रतिशत रहा। वर्ष 2011-12 में यह 28.56 प्रतिशत था [1, पृ. 3]।
  • 2025-26 में स्थिर मूल्यों पर इस क्षेत्र की वृद्धि दर 0.22 प्रतिशत रही। उप-क्षेत्रों की वृद्धि: फसल -5.01%, पशुधन 5.20%, वानिकी 2.67%, मत्स्य 0.87% [1, पृ. 4]।

GVA वर्षवार (₹ करोड़) [1, पृ. 3, चित्र 1.2]

वर्षचालू मूल्यस्थिर मूल्यवृद्धि दर (चालू) %वृद्धि दर (स्थिर) %
2021-223,22,7391,91,57110.282.50
2022-233,51,1211,99,6198.794.20
2023-24 (संशोधित-II)3,88,4382,06,47410.633.43
2024-25 (संशोधित-I)4,25,9042,22,0739.657.56
2025-26 (अग्रिम)4,40,7022,22,5503.470.22

1.2 कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की आंतरिक संरचना (2025-26, चालू मूल्य) [1, पृ. 3]

उप-क्षेत्रहिस्सा (%)
पशुधन49.35
फसलें42.61
वानिकी एवं लॉगिंग7.49
मत्स्य0.54
  • परीक्षा हेतु ध्यान दें: राज्य में पशुधन उप-क्षेत्र का GVA (₹2.17 लाख करोड़) फसल उप-क्षेत्र के GVA (₹1.88 लाख करोड़) से अधिक है [1, पृ. 4-5]।
  • फसल क्षेत्र की आय में खरीफ में बाजरा, मूंगफली और मूंग तथा रबी में गेहूँ, सरसों और चना प्रमुख योगदानकर्ता हैं [1, पृ. 4]।
  • पशुधन उत्पादों के सकल मूल्य उत्पादन (GVO) में दूध का हिस्सा 79.60 प्रतिशत है (2025-26) [1, पृ. 5]।

आंकड़ों में अंतर (2022-23 में कृषि का GSVA हिस्सा): आर्थिक समीक्षा 2024-25 में संशोधित अनुमान-III के आधार पर 27.56 प्रतिशत [13, मुख्य संकेतक], जबकि DES के "Key Agricultural Statistics at a Glance" में अग्रिम अनुमान के आधार पर 28.95 प्रतिशत [14] दिया गया है। दोनों अलग-अलग अनुमान-चरणों के हैं।


चित्र 1 कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के GVA में उप-क्षेत्रों का हिस्सा (2025-26, चालू मूल्य)
पशुधन49.35%फसलें42.61%वानिकी एवं लॉगिंग7.49%मत्स्य0.54%

स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2025-26 [1, पृ. 3]

2. भूमि उपयोग एवं कृषि जोत

2.1 भूमि उपयोग (2023-24) [2, पृ. iii]

वर्गक्षेत्र (हेक्टेयर)रिपोर्टिंग क्षेत्र का %
रिपोर्टिंग क्षेत्र3,42,74,373100.00
वन27,85,5788.13
गैर-कृषि उपयोग में भूमि20,33,0225.93
बंजर एवं अकृष्य भूमि23,59,5666.88
स्थायी चारागाह एवं अन्य चराई भूमि16,50,4434.82
विविध वृक्ष फसलें एवं उपवन39,1800.11
कृषि योग्य बंजर भूमि35,17,31910.26
चालू परती के अतिरिक्त परती19,61,2175.72
चालू परती17,30,2885.05
शुद्ध बोया गया क्षेत्र1,81,97,76053.10
सकल फसल क्षेत्र2,76,95,97080.81
एक से अधिक बार बोया गया क्षेत्र94,98,21027.71
  • 2023-24 में सकल फसल क्षेत्र 276.96 लाख हेक्टेयर रहा, जो 2022-23 (281.71 लाख हेक्टेयर) से 1.69 प्रतिशत कम है [2, पृ. vi]।
  • शुद्ध बोया गया क्षेत्र 181.98 लाख हेक्टेयर रहा, जो 2022-23 (184.23 लाख हेक्टेयर) से 1.22 प्रतिशत कम है [2, पृ. vi]।
  • चालू परती भूमि 2022-23 के 15.02 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 2023-24 में 17.30 लाख हेक्टेयर हुई (15.18 प्रतिशत वृद्धि) [2, पृ. v]।
  • फसल सघनता (सकल बोया क्षेत्र / शुद्ध बोया क्षेत्र) 2023-24 में 152.19 रही, जो 2022-23 में 152.92 थी [2, पृ. xxiv]।
  • आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार 2024-25 में राज्य का रिपोर्टिंग क्षेत्र 343.43 लाख हेक्टेयर था, जिसमें शुद्ध बोया क्षेत्र 53.02 प्रतिशत है [1, पृ. 5]।

2.2 क्रियाशील जोत (कृषि गणना 2015-16)

राज्य की आर्थिक समीक्षा 2025-26 अभी भी कृषि गणना 2015-16 के आंकड़े देती है [1, पृ. 6]। 11वीं कृषि गणना (संदर्भ वर्ष 2021-22) की राज्य रिपोर्ट इस अध्याय के संकलन तक सत्यापित स्रोतों में नहीं मिली।

कृषि गणना: पद्धति (11वीं कृषि गणना, 2021-22)

  • 11वीं कृषि गणना (2021-22) का शुभारंभ 28 जुलाई 2022 को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने किया [23]।
  • कृषि गणना में सांख्यिकीय इकाई "प्रचालन जोत" (operational holding) होती है; आंकड़े गाँव/तहसील, ज़िला, राज्य और अखिल भारत स्तर पर एकत्र किए जाते हैं [22, PDF पृ. 5]।
  • गणना तीन चरणों में होती है [22, PDF पृ. 5]:
    • चरण-I: पूर्ण गणना के आधार पर जोतों की संख्या और क्षेत्र, सामाजिक समूह, महिला किसान, काश्तकारी और जोत के प्रकार।
    • चरण-II: प्रत्येक तहसील के 20% नमूना गाँवों से फसल प्रतिरूप, सिंचाई की स्थिति आदि।
    • चरण-III: प्रत्येक तहसील के 7% नमूना गाँवों की चयनित जोतों से आदान उपयोग का प्रतिरूप।
  • चरण-II के आंकड़ों की संदर्भ अवधि 1 जुलाई 2021 से 30 जून 2022 है [22, PDF पृ. 6]।
  • चरण-II की नई पहलें: उपलब्ध होने पर डिजिटल भूमि अभिलेखों का उपयोग; स्मार्टफोन/टैबलेट जैसे उपकरणों पर ऐप से आंकड़ा संग्रह; वेब पोर्टल से प्रगति की वास्तविक समय निगरानी [22, PDF पृ. 6]।
  • निर्देश-पुस्तिका में दी गई संभावित समय-सारणी के अनुसार चरण-II का फील्ड कार्य जून-अगस्त 2024 में और आउटपुट तालिकाओं का अंतिम रूप व प्रसार दिसंबर 2024 तक होना था [22, PDF पृ. 6]। परिणाम प्रकाशित होने की पुष्टि इस संकलन तक आधिकारिक स्रोतों में नहीं हुई।

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  • कुल क्रियाशील जोत: 76.55 लाख (2010-11 में 68.88 लाख; 11.14 प्रतिशत वृद्धि) [1, पृ. 6]।
  • जोतों के अंतर्गत कुल क्षेत्र: 208.73 लाख हेक्टेयर (2010-11 में 211.36 लाख हेक्टेयर; 1.24 प्रतिशत कमी) [1, पृ. 6]।
  • औसत जोत आकार: 2.73 हेक्टेयर (2010-11 में 3.07 हेक्टेयर; 11.07 प्रतिशत कमी) [1, पृ. 6]।
  • महिला क्रियाशील जोत: 7.75 लाख (2010-11 में 5.46 लाख; 41.94 प्रतिशत वृद्धि)। महिला जोतों का क्षेत्र 16.55 लाख हेक्टेयर [1, पृ. 6]।

आकार वर्ग अनुसार जोत (2015-16) [1, पृ. 7, तालिका 1.1; प्रतिशत: पृ. 6]

आकार वर्गजोत संख्या (हजार)कुल जोत में हिस्सा (%)क्षेत्र (हजार हेक्टेयर)
सीमांत (1 हेक्टेयर से कम)3,07140.121,483
लघु (1-2 हेक्टेयर)1,67721.902,389
अर्ध-मध्यम (2-4 हेक्टेयर)1,41618.503,988
मध्यम (4-10 हेक्टेयर)1,13214.796,899
बड़ी (10 हेक्टेयर से अधिक)3594.696,114
योग7,65510020,873
  • 2010-11 की तुलना में बड़ी जोतों की संख्या में 11.14 प्रतिशत और उनके क्षेत्र में 13.20 प्रतिशत कमी आई [1, पृ. 6]। समीक्षा इसका संभावित कारण संयुक्त परिवारों का विभाजन बताती है [1, पृ. 6]।

चित्र 2 कृषि गणना 2021-22 के तीन चरण
कृषि गणना 2021-22 (11वीं)इकाई: प्रचालन जोतचरण-Iपूर्ण गणनाजोतों की संख्या व क्षेत्रसामाजिक समूहमहिला किसानकाश्तकारी, जोत का प्रकारचरण-II20% नमूना गाँव (प्रति तहसील)फसल प्रतिरूपसिंचाई की स्थितिसंदर्भ अवधि:1.7.2021 से 30.6.2022चरण-III7% नमूना गाँव (प्रति तहसील)चयनित जोतों काआदान उपयोग प्रतिरूपनई पहलें: डिजिटल भूमि अभिलेख, मोबाइल/टैबलेट ऐप से संग्रह, वेब पोर्टल से निगरानी

स्रोत: कृषि संगणना 2021-22 चरण-II निर्देश-पुस्तिका [22, PDF पृ. 5-6]

3. कृषि जलवायु क्षेत्र

  • राज्य को जलवायु, मृदा, स्थलाकृति और फसल प्रतिरूप के आधार पर 10 कृषि जलवायु क्षेत्रों में बाँटा गया है [1, पृ. 6]।
  • राज्य का उत्तर-पश्चिमी भाग (61 प्रतिशत क्षेत्र) मरुस्थलीय या अर्ध-मरुस्थलीय और वर्षा पर निर्भर है; दक्षिण-पूर्वी भाग (39 प्रतिशत) उपजाऊ है [1, पृ. 6]।

कृषि जलवायु क्षेत्र: ज़िले, वर्षा और प्रमुख फसलें

ज़िले और फसलें: [1, पृ. 8, तालिका 1.2]। क्षेत्रफल और औसत वर्षा: [6]।

क्षेत्रनामज़िले (41 ज़िला ढांचा)क्षेत्रफल (मिलियन हे.)औसत वर्षा (मिमी)खरीफ फसलेंरबी फसलें
I-Aशुष्क पश्चिमी मैदानजोधपुर, फलोदी, बाड़मेर, बालोतरा4.74200-370बाजरा, मोठ, तिलगेहूँ, सरसों, जीरा
I-Bसिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदानश्रीगंगानगर, हनुमानगढ़2.10100-350कपास, ग्वारगेहूँ, सरसों, चना
I-Cअति शुष्क आंशिक सिंचित पश्चिमी मैदानबीकानेर, जैसलमेर, चूरू का भाग (रतनगढ़, सरदारशहर, बीदासर, सुजानगढ़ तहसील)7.70100-350बाजरा, मोठ, ग्वारगेहूँ, सरसों, चना
II-Aआंतरिक जलोत्सरण का संक्रमणकालीन मैदानसीकर, चूरू (शेष), झुंझुनूं, नागौर, डीडवाना-कुचामन3.69300-500बाजरा, ग्वार, दलहनसरसों, चना
II-Bलूनी बेसिन का संक्रमणकालीन मैदानजालोर, पाली, सिरोही (पिंडवाड़ा व आबूरोड तहसील छोड़कर), ब्यावर का भाग (जैतारण व ब्यावर तहसील)3.00300-500बाजरा, ग्वार, तिलगेहूँ, सरसों
III-Aअर्द्ध शुष्क पूर्वी मैदानजयपुर, अजमेर, दौसा, टोंक, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़, ब्यावर (शेष)2.96500-700बाजरा, ग्वार, ज्वारगेहूँ, सरसों, चना
III-Bबाढ़ प्रभावित पूर्वी मैदानअलवर, डीग, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर2.77500-700बाजरा, ग्वार, मूंगफलीगेहूँ, जौ, सरसों, चना
IV-Aउप-आर्द्र दक्षिणी मैदानउदयपुर, चित्तौड़गढ़ (बड़ी सादड़ी तहसील छोड़कर), राजसमंद, भीलवाड़ा, सिरोही का भाग (पिंडवाड़ा, आबूरोड)3.36500-900मक्का, दलहन, ज्वारगेहूँ, चना
IV-Bआर्द्र दक्षिणी मैदानबांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़ का भाग (बड़ी सादड़ी)1.72500-1100मक्का, धान, ज्वार, उड़दगेहूँ, चना
Vआर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदानकोटा, बारां, बूंदी, झालावाड़2.70650-1000ज्वार, सोयाबीनगेहूँ, सरसों

नोट: DES का कृषि जलवायु क्षेत्र दस्तावेज़ [6] पुराने ज़िला नामों पर आधारित है; ज़िलों की अद्यतन सूची आर्थिक समीक्षा 2025-26 की तालिका 1.2 [1] से ली गई है।

मृदा (प्रमुख उदाहरण) [6]

  • I-A: मरुस्थलीय मृदा और बालू के टीले, वायूढ़ (aeolian) मृदा, मोटे कण, कहीं-कहीं चूनायुक्त।
  • I-B: जलोढ़ निक्षेप, चूनायुक्त, घुलनशील लवण और विनिमेय सोडियम अधिक।
  • V: जलोढ़ उत्पत्ति की काली मृदा, चिकनी दोमट; भूजल में लवणता।

कृषि अनुसंधान केंद्र (दस्तावेज़ में स्पष्ट पढ़ने योग्य) [6]: मंडोर (जोधपुर) I-A; श्रीगंगानगर I-B; बीछवाल (बीकानेर) I-C; फतेहपुर (सीकर) II-A; केशवाना (जालोर) II-B; दुर्गापुरा (जयपुर) III-A; नवगांव (अलवर) III-B; उम्मेदगंज (कोटा) V।


4. सिंचाई

4.1 शुद्ध एवं सकल सिंचित क्षेत्र (2023-24)

  • शुद्ध सिंचित क्षेत्र 95.47 लाख हेक्टेयर (2022-23 में 95.00 लाख हेक्टेयर; 0.49 प्रतिशत वृद्धि) [2, पृ. vi]।
  • शुद्ध सिंचित क्षेत्र, शुद्ध बोए गए क्षेत्र का 52.46 प्रतिशत है [2, पृ. vi]।
  • सकल सिंचित क्षेत्र 129.60 लाख हेक्टेयर (2022-23 में 125.83 लाख हेक्टेयर) [2, पृ. vii]।
  • सिंचाई सघनता (सकल सिंचित / शुद्ध सिंचित) 2023-24 में 135.75, जो 2022-23 में 132.42 थी [2, पृ. xxiv]।

स्रोतवार शुद्ध सिंचित क्षेत्र (2023-24) [2, पृ. vii]

स्रोतक्षेत्र (हेक्टेयर)हिस्सा (%)
नलकूप49,67,76552.03
नहरें22,14,50223.19
खुले कुएँ20,95,31421.95
अन्य स्रोत2,18,4052.29
तालाब51,3060.54
योग95,47,292100.00
  • कुएँ, नलकूप और नहरें मिलकर शुद्ध सिंचित क्षेत्र का 97.17 प्रतिशत (92.78 लाख हेक्टेयर) सींचते हैं [2, पृ. vii]।
  • सकल सिंचित क्षेत्र में सरकारी नहरों में इंदिरा गांधी नहर से सर्वाधिक 16,27,868 हेक्टेयर सिंचाई हुई [2, पृ. 7, तालिका 3]।

ज़िला स्तर पर (2023-24, 50 ज़िला ढांचा) [2, पृ. vi-vii]

  • सर्वाधिक शुद्ध सिंचित क्षेत्र: बीकानेर (6.66 लाख हेक्टेयर)।
  • शुद्ध बोए क्षेत्र की तुलना में सर्वाधिक सिंचाई प्रतिशत: कोटा (99.11 प्रतिशत)।
  • न्यूनतम सिंचाई प्रतिशत: बालोतरा (8.02 प्रतिशत)।
चित्र 3 स्रोतवार शुद्ध सिंचित क्षेत्र (2023-24)
नलकूप52.03%नहरें23.19%खुले कुएँ21.95%अन्य स्रोत2.29%तालाब0.54%

स्रोत: कृषि सांख्यिकी 2023-24 [2, पृ. vii]

4.2 फसलवार सिंचित क्षेत्र (2023-24, सकल सिंचित क्षेत्र का %) [2, पृ. viii-ix]

फसलहिस्सा (%)
सरसों (राई एवं सरसों)28.67
गेहूँ23.89
जीरा7.81
कपास7.53
मूंगफली5.77
चना5.25

4.3 सिंचाई क्षमता और सूक्ष्म सिंचाई

  • 2026-27 के कृषि बजट में उद्यान विभाग के अंतर्गत सूक्ष्म सिंचाई योजना के लिए ₹60,000.02 लाख, सूक्ष्म सिंचाई हेतु अतिरिक्त अनुदान के लिए ₹30,000.00 लाख तथा पीएम-कुसुम कंपोनेंट 'बी' के लिए ₹40,012.51 लाख का प्रावधान है [5, पृ. 6]।
  • जल संसाधन विभाग के अंतर्गत परवन परियोजना (₹54,412.00 लाख) और सौर ऊर्जा आधारित लघु सिंचाई परियोजना (₹55,962.00 लाख) जैसे प्रावधान हैं [5, पृ. 9]।

4.4 वर्षा (2023-24)

  • 2023-24 में राज्य में औसत वर्षा 662.8 मिमी रही, जबकि सामान्य वर्षा 575.1 मिमी है; यानी 15.25 प्रतिशत अधिक [2, पृ. xxvi]।
वर्ष2019-202020-212021-222022-232023-24
औसत वर्षा (मिमी)820.3580.4715.1715.5662.8
सामान्य से अंतर (%)42.640.9224.3424.4115.25

स्रोत: [2, पृ. xxvi]

मानसून 2025 (कृषि विभाग के अनुसार)

  • वर्ष 2025 में मानसून 18 जून 2025 को राज्य में प्रवेश कर एक सप्ताह में पूरे राज्य में सक्रिय हुआ [24, पृ. 1]।
  • 1 मई 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक सामान्य वर्षा 467.5 मिमी के मुकाबले 815.0 मिमी वर्षा दर्ज हुई, जो सामान्य से 74.33 प्रतिशत अधिक है [24, पृ. 1]।
माहमईजूनजुलाईअगस्तसितंबरअक्टूबरनवंबरदिसंबरकुल
सामान्य औसत वर्षा (मिमी)13.655.0161.4155.863.510.95.02.3467.5
वास्तविक वर्षा (मिमी)37.7128.2287.0184.0116.359.72.10.0815.0

स्रोत: [24, पृ. 1]। ध्यान दें: यह अवधि (मई-दिसंबर 2025) DES की कृषि वर्ष आधारित वार्षिक वर्षा (ऊपर की तालिका) से अलग है, इसलिए दोनों के "सामान्य" आंकड़े तुलनीय नहीं हैं।

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चित्र 4 माहवार वर्षा: मई से दिसंबर 2025 (सामान्य बनाम वास्तविक)
10020030037.7मई128.2जून287.0जुलाई184.0अगस्त116.3सितंबर59.7अक्टूबर2.1नवंबर0.0दिसंबरसामान्य औसत (कुल 467.5)वास्तविक (कुल 815.0)मिमी

स्रोत: निष्पादन आय-व्ययक 2026-27, कृषि विभाग [24, पृ. 1]

5. फसल प्रतिरूप एवं उत्पादन

5.1 फसल प्रतिरूप (2023-24, सकल फसल क्षेत्र का %) [2, पृ. xii-xiii]

फसल/समूहहिस्सा (%)
कुल खाद्यान्न53.45
कुल तिलहन24.00
बाजरा15.48
सरसों14.45
अन्य खरीफ दलहन (मूंग, मोठ आदि)13.15
गेहूँ11.22
ग्वार10.41
चना6.41
सोयाबीन4.07
जीरा3.66
कपास3.62
मक्का3.18
  • 2023-24 में खाद्यान्न का क्षेत्र 148.02 लाख हेक्टेयर रहा; इसमें अनाज 93.39 लाख हेक्टेयर और दलहन 54.64 लाख हेक्टेयर [2, पृ. xiv-xv]।
  • खाद्यान्न उत्पादन में गेहूँ (49.88 प्रतिशत) और बाजरा (18.29 प्रतिशत) प्रमुख घटक हैं (2023-24) [2, पृ. xvi]।

5.2 खरीफ और रबी उत्पादन (आर्थिक समीक्षा 2025-26) [1, पृ. 9, तालिका 1.3]

क्षेत्र (लाख हेक्टेयर)

समूह2023-24 (अंतिम)2024-25 (अंतिम)2025-26 (अग्रिम)
अनाज93.39105.5596.73
दलहन54.6354.0660.51
खाद्यान्न148.02159.61157.24
तिलहन66.4660.9862.83
कपास10.046.276.44

उत्पादन (लाख टन; कपास लाख गांठ, 170 किग्रा प्रति गांठ)

समूह2023-24 (अंतिम)2024-25 (अंतिम)2025-26 (अग्रिम)
अनाज207.64267.82236.85
दलहन33.2941.8047.13
खाद्यान्न240.93309.62283.98
खरीफ खाद्यान्न90.47114.2489.55
रबी खाद्यान्न150.46195.38194.43
तिलहन101.2793.73100.46
गन्ना3.644.653.61
कपास26.2117.8817.94
  • 2025-26 के अग्रिम अनुमान में खाद्यान्न उत्पादन पिछले वर्ष से 8.28 प्रतिशत कम; खरीफ खाद्यान्न 21.61 प्रतिशत कम; रबी दलहन 22.34 प्रतिशत अधिक; तिलहन 7.18 प्रतिशत अधिक आंका गया [1, पृ. 9-10]।

कृषि विभाग के लक्ष्य: 2026-27 (लाख टन; कपास लाख गांठ) [24, पृ. 1]

फसल2023-242024-252025-26 लक्ष्य (विभागीय)2025-26 अनुमान*2026-27 लक्ष्य (प्रस्तावित)
खाद्यान्न240.25309.54283.20278.50290.18
तिलहन101.0792.85114.6099.73103.52
गन्ना3.634.654.133.614.05
कपास26.2117.8826.0517.9428.73
ग्वार14.8019.7514.5015.1014.34

* राजस्व मंडल, अजमेर से प्राप्त द्वितीय अग्रिम उत्पादन अनुमानों पर आधारित [24, पृ. 1]।

आंकड़ों में अंतर (उत्पादन, लाख टन): खाद्यान्न 2023-24: 240.93 [1; 2] बनाम 240.25 [24]; खाद्यान्न 2024-25: 309.62 [1] बनाम 309.54 [24]; तिलहन 2023-24: 101.27 [1] बनाम 101.07 [24]; तिलहन 2024-25: 93.73 [1] बनाम 92.85 [24]; खाद्यान्न 2025-26 अनुमान: 283.98 [1] बनाम 278.50 (द्वितीय अग्रिम) [24]। दोनों प्रकाशनों में अनुमानों के स्रोत/चरण अलग बताए गए हैं।

5.3 वर्ष 2025-26 के अंतिम अनुमान (DES बुलेटिन)

आर्थिक समीक्षा (फरवरी 2026) के बाद DES ने 2025-26 के अंतिम अनुमान जारी किए, जिनकी पोर्टल तिथि 06/08/2026 है [3]।

फसलक्षेत्र (हेक्टेयर)उत्पादन (टन)उपज (किग्रा/हे.)
गेहूँ39,96,8391,58,31,0303,961
बाजरा (खरीफ + ग्रीष्म)39,43,26948,64,5431,234
मक्का9,23,27323,53,9052,550
जौ2,80,06810,89,2843,889
चना20,40,81124,50,4341,201
मूंग26,62,81713,96,458524
राई एवं सरसों37,61,73762,62,2141,665
मूंगफली12,94,90231,35,7512,422
सोयाबीन9,88,5165,95,385602
ग्वार24,81,91918,81,563758
कुल खाद्यान्न1,60,29,2022,97,62,8581,857
कुल तिलहन67,54,7591,07,80,6771,596

स्रोत: [3, विवरण-I]

  • कपास: बुलेटिन में क्षेत्र 6,43,699 हेक्टेयर और उत्पादन 17,04,054 दर्ज है; शीर्षक में इकाई "'000 bales" लिखी है, जबकि 2024-25 के बुलेटिन में यही इकाई "bales" (170 किग्रा) है [3; 4]। इकाई की पुष्टि होने तक उत्तर में "लगभग 17 लाख गांठ" जैसा अनुमानित रूप न लिखें; बुलेटिन का अंक उसी रूप में उद्धृत करें।

आंकड़ों में अंतर (खाद्यान्न 2024-25, अंतिम): आर्थिक समीक्षा 2025-26 में 309.62 लाख टन [1, पृ. 9]; DES के 2024-25 अंतिम अनुमान बुलेटिन में 3,12,10,825 टन [4]। बुलेटिन की पोर्टल तिथि 26/09/2026 दर्ज है, जो इस अध्याय के संकलन की तिथि से बाद की है; यह पोर्टल की प्रविष्टि त्रुटि प्रतीत होती है [15]।

5.4 उत्पादकता (किग्रा/हेक्टेयर) [1, पृ. 10, तालिका 1.4]

फसल/समूह2020-212021-222022-232023-242024-25
अनाज2,4232,0932,2202,2332,537
दलहन671628657609773
खाद्यान्न1,7571,4861,6531,6281,940
तिलहन1,5231,4841,4491,5241,537
गन्ना79,11175,85289,30787,15576,835
कपास (लिंट)675558579444484
ग्वार458419540513662

5.5 राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान की स्थिति (2023-24)

स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2025-26, जो Agricultural Statistics at a Glance 2024 पर आधारित है [1, पृ. 10, तालिका 1.5]।

फसलराजस्थान का स्थानदेश के उत्पादन में हिस्सा (%)
ग्वारप्रथम88.80
राई एवं सरसोंप्रथम43.43
बाजराप्रथम41.34
कुल तिलहनप्रथम23.61
मोटे अनाजप्रथम14.21
मूंगफलीद्वितीय (प्रथम गुजरात)19.91
चनातृतीय17.39
कुल दलहनतृतीय13.76
सोयाबीनतृतीय8.96

5.6 फसल कटाई प्रयोग

  • उपज दर का आकलन फसल कटाई प्रयोगों (CCE) से होता है, जो डिजिटल सामान्य फसल आकलन सर्वेक्षण (DGCES) के अंतर्गत किए जाते हैं [2, पृ. i]।
  • 2023-24 में 1,34,404 प्रयोग नियोजित थे; खाद्यान्न उत्पादन का 90 प्रतिशत से अधिक अनुमान इन्हीं की उपज दर पर आधारित है [2, पृ. xvii]।
  • खरीफ प्रयोग प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत और रबी प्रयोग DGCES के अंतर्गत किए गए [2, पृ. xviii]।

चित्र 5 फसल क्षेत्रफल, उपज और उत्पादन अनुमान की प्रक्रिया
क्षेत्रफलराजस्व विभाग की गिरदावरी(खसरा आधारित, पूर्ण गणना)उपज दरफसल कटाई प्रयोग (CCE)खरीफ: PMFBY | रबी: DGCESTRS: 20% गाँवों मेंविशेष गिरदावरीमौसमवार शीघ्र क्षेत्र अनुमान2023-24 में1,34,404 प्रयोग नियोजितयादृच्छिक प्रतिचयनउत्पादन = क्षेत्रफल × उपज दरफसलवार, ज़िला एवं राज्य स्तरअग्रिम अनुमानप्रथम, द्वितीय, तृतीय(कुछ वर्षों में चतुर्थ भी)अंतिम अनुमानDES बुलेटिन एवं वार्षिक प्रकाशन

स्रोत: कृषि सांख्यिकी 2023-24 [2, पृ. i, xvii-xviii]; DES कृषि सांख्यिकी पोर्टल [15]

6. उद्यानिकी

6.1 फल, सब्ज़ी और मसाले: क्षेत्र एवं उत्पादन

आर्थिक समीक्षा 2025-26 के अनुसार [1, पृ. 11, तालिका 1.6]

वर्षफल: क्षेत्र (हे.)फल: उत्पादन (मी.ट.)सब्ज़ी: क्षेत्र (हे.)सब्ज़ी: उत्पादन (मी.ट.)मसाले: क्षेत्र (हे.)मसाले: उत्पादन (मी.ट.)
2020-2168,8839,06,7391,89,38721,85,8659,62,36711,80,477
2021-2278,1379,56,4422,04,00523,74,8068,11,79710,44,880
2022-2382,3319,06,1341,92,71223,34,8849,22,6169,33,317
2023-2488,67211,97,5551,93,51027,11,8166,84,4493,79,720
2024-2592,99313,84,6062,04,75528,60,48413,64,82214,69,559

भारत सरकार के अनुसार (2024-25, तृतीय अग्रिम अनुमान) [7, पृ. 178, तालिका 2.48]

वर्गक्षेत्र (हजार हे.)उत्पादन (हजार मी.ट.)
फल98.681,268.90
सब्ज़ियाँ202.442,602.15
सुगंधित एवं औषधीय672.44444.10
फूल3.689.30 (खुले फूल)
मसाले956.591,094.09
कुल उद्यानिकी1,933.835,432.20
  • उसी तालिका में राजस्थान का शहद उत्पादन 13.41 हजार मी.ट. दर्ज है [7, पृ. 178]।
  • नवीनतम राष्ट्रीय अनुमान: भारत सरकार ने मार्च 2026 में 2024-25 के अंतिम और जून 2026 में 2025-26 के द्वितीय अग्रिम उद्यानिकी अनुमान जारी किए। देश में उद्यानिकी क्षेत्र 2024-25 (अंतिम) में 301.36 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 3,707.38 लाख टन रहा; 2025-26 (द्वितीय अग्रिम) में क्षेत्र 301.51 लाख हेक्टेयर और उत्पादन 3,777.76 लाख टन अनुमानित है [25]। इन विज्ञप्तियों में राज्यवार आंकड़े नहीं हैं, इसलिए राजस्थान की ऊपर दी गई तालिका (2024-25, तृतीय अग्रिम) ही सत्यापित नवीनतम राज्य आंकड़ा है।

आंकड़ों में अंतर:

  • फल 2024-25: राज्य समीक्षा में 92,993 हे. और 13,84,606 मी.ट. [1]; भारत सरकार के तृतीय अग्रिम अनुमान में 98.68 हजार हे. और 1,268.90 हजार मी.ट. [7]।
  • मसाले 2024-25: राज्य समीक्षा में 13,64,822 हे. और 14,69,559 मी.ट. [1]; भारत सरकार में 956.59 हजार हे. और 1,094.09 हजार मी.ट. [7]।
  • मसाले 2023-24: आर्थिक समीक्षा में 6,84,449 हे. और 3,79,720 मी.ट. [1]; DES की कृषि सांख्यिकी 2023-24 में "मसाले एवं सुगंधित पदार्थ" समूह का क्षेत्र 1,311.532 हजार हे. और उत्पादन 1,289.086 हजार मी.ट. [2, पृ. xiii, xvii]। दोनों प्रकाशनों में वर्गीकरण की परिभाषा नहीं दी गई है।

6.2 प्रमुख मसाला फसलें (2023-24, DES) [2, पृ. xii-xvii]

फसलक्षेत्र (हजार हे.)उत्पादन (हजार मी.ट.)
जीरा1,012.998625.620
मेथी77.971102.107
सौंफ71.94876.748
धनिया67.59296.918
लहसुन61.190373.245
  • 2023-24 में सब्ज़ियों में प्याज़ का उत्पादन 992.782 हजार मी.ट. और आलू का 179.827 हजार मी.ट. रहा [2, पृ. xvii]।

6.3 उद्यानिकी की योजनाएँ (2025-26)

  • 2025-26 में उद्यानिकी हेतु राज्य योजना (केंद्रीय अंश सहित) में ₹1,918.67 करोड़ का बजट अनुमान था; दिसंबर 2025 तक ₹523.13 करोड़ व्यय हुए [1, पृ. 14]।
  • राष्ट्रीय बागवानी मिशन (NHM): 41 ज़िलों में; 2025-26 का प्रावधान ₹124.76 करोड़ (केंद्र ₹74.86 करोड़, राज्य ₹49.90 करोड़); दिसंबर 2025 तक व्यय ₹48.83 करोड़ [1, पृ. 14]।
    • भौतिक प्रगति (दिसंबर 2025 तक): 2,358 हेक्टेयर में फल बगीचे, 3.13 लाख वर्ग मीटर ग्रीनहाउस, 0.51 लाख वर्ग मीटर शेडनेट, 638 हेक्टेयर प्लास्टिक मल्चिंग, 1,129 कम लागत प्याज़ भंडारण संरचनाएँ [1, पृ. 14]।
  • राष्ट्रीय बांस मिशन: केंद्र प्रवर्तित योजना, जो अभी शुरू होनी है; 2025-26 में ₹100 लाख का बजट प्रावधान [1, पृ. 14]।
  • कृषि वानिकी योजना: 2025-26 में सार्वजनिक क्षेत्र में तीन स्थानों पर चार हाई-टेक नर्सरी; ₹285 लाख का बजट अनुमान [1, पृ. 14]।
  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY): खजूर खेती, NHM रहित ज़िलों में उद्यानिकी विकास और शहरी क्षेत्रों में सब्ज़ी क्लस्टर शामिल। उत्कृष्टता केंद्र: झालावाड़, धौलपुर, टोंक, बूंदी, चित्तौड़गढ़, सवाई माधोपुर, बस्सी (जयपुर) और नांता (कोटा)। 2025-26 में ₹40.14 करोड़ आवंटन के विरुद्ध दिसंबर तक ₹20.56 करोड़ व्यय [1, पृ. 14]।
  • उद्यान विभाग का बजट 2026-27: कुल ₹1,65,760.16 लाख [5, पृ. 1]। इसमें राष्ट्रीय बागवानी मिशन के लिए ₹14,990.06 लाख, सोलर पंप सेट हेतु अतिरिक्त अनुदान ₹4,200.01 लाख और ग्रीन हाउस हेतु अतिरिक्त अनुदान ₹3,000.00 लाख शामिल हैं [5, पृ. 6]।

7. कृषि आदान, ऋण और बीमा

7.1 बीज, उर्वरक और मृदा स्वास्थ्य (2025-26)

  • मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना: किसानों को अपने खेत पर गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन हेतु। 2025-26 में 1.13 लाख क्विंटल लक्ष्य के विरुद्ध 1.12 लाख क्विंटल बीज वितरित [1, पृ. 12]।
  • 2025-26 के खरीफ एवं रबी में 31.50 लाख बीज मिनीकिट निःशुल्क वितरित [1, पृ. 12]।
  • दिसंबर 2025 तक 4.79 लाख मृदा नमूने एकत्र और 4.15 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी [1, पृ. 12]।
  • दिसंबर 2025 तक आपूर्ति: यूरिया 22.20 लाख मी.ट., DAP 7.77 लाख मी.ट., SSP 4.32 लाख मी.ट., NPK 2.53 लाख मी.ट. [1, पृ. 12]।
  • प्रति हेक्टेयर उर्वरक खपत (कृषि विभाग) [24, पृ. 7]: 2021-22 में 59.48, 2022-23 में 65.35, 2023-24 में 68.14 और 2024-25 में 69.15 किग्रा; 2025-26 में 73.07 किग्रा प्रति हेक्टेयर संभावित।
  • राज्य में 101 मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएँ (सभी स्थिर) हैं, जिनकी वार्षिक विश्लेषण क्षमता 10.40 लाख नमूने है; सूक्ष्म पोषक तत्व विश्लेषण सुविधा 55 प्रयोगशालाओं में है [24, पृ. 7]।
  • सॉयल हेल्थ कार्ड योजना अप्रैल 2015 से लागू है; वर्ष 2025 तक 2 करोड़ 42 लाख 79 हजार कार्ड वितरित किए गए [24, पृ. 7]।

आंकड़ों में अंतर (सॉयल हेल्थ कार्ड, 2025-26, दिसंबर 2025 तक): आर्थिक समीक्षा में 4.15 लाख कार्ड जारी [1, पृ. 12] (तालिका 1.7 में उपलब्धि 4,14,714 [1, पृ. 17]); कृषि विभाग के निष्पादन आय-व्ययक में 5 लाख 70 हजार कार्ड वितरित [24, पृ. 7]।

  • गोवर्धन जैविक उर्वरक योजना: गोवंश अपशिष्ट से वर्मी-कम्पोस्ट बनाने हेतु प्रति ब्लॉक 50 किसानों को अधिकतम ₹10,000 प्रति किसान [1, पृ. 12]।
  • एग्री क्लिनिक: सभी ज़िला मुख्यालयों पर स्थापना प्रस्तावित; 2024-25 में 20 स्थापित, 2025-26 में 13 और प्रक्रियाधीन [1, पृ. 12]।
  • नमो ड्रोन दीदी योजना: महिला स्वयं सहायता समूहों को 1,070 कृषि ड्रोन और वाहनों की खरीद हेतु ऋण पर भारत सरकार द्वारा अतिरिक्त 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान [1, पृ. 12]।

कृषि विभाग की भौतिक प्रगति (2025-26, दिसंबर 2025 तक) [1, पृ. 17, तालिका 1.7]

घटकइकाईलक्ष्यउपलब्धि
पाइपलाइनकिमी20,00010,073
डिग्गीसंख्या10,0004,979
फार्म पौंडसंख्या25,00010,626
कृषि यंत्रसंख्या1,00,00028,479
जिप्सम वितरणमी.ट.30,0008,090
मृदा स्वास्थ्य कार्डसंख्या4,05,0004,14,714
कांटेदार तारबंदीमीटर3,00,00,00094,69,496

7.2 सहकारी ऋण

  • राज्य में 42,858 पंजीकृत सहकारी संस्थाएँ, 23 फेडरेशन, 24 दुग्ध संघ और 9,086 प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियाँ (PACS) हैं [1, पृ. 12]।
  • 29 केंद्रीय सहकारी बैंक अल्पकालीन और 36 प्राथमिक भूमि विकास बैंक दीर्घकालीन कृषि ऋण देते हैं [1, पृ. 12]।
  • 2025-26 (दिसंबर तक) केंद्रीय सहकारी बैंकों ने 30.45 लाख किसानों को ₹18,085.89 करोड़ का फसली ऋण दिया [1, पृ. 13]।
  • सितंबर 2025 तक 61.83 लाख किसान क्रेडिट कार्ड जारी, जिनमें 43.95 लाख सक्रिय [1, पृ. 13]।
  • राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना: 2.5 लाख पशुपालक परिवारों को ₹1 लाख तक का ब्याज-मुक्त अल्पकालीन ऋण; ₹150 करोड़ का बजट प्रावधान [1, पृ. 13]।
  • कृषि अवसंरचना कोष (AIF): ₹2 करोड़ तक के ऋण पर 3 प्रतिशत वार्षिक ब्याज अनुदान। 31 दिसंबर 2025 तक राज्य में 4,900 परियोजनाएँ (₹4,212.54 करोड़) स्वीकृत और 4,427 परियोजनाओं के लिए ₹2,793.08 करोड़ वितरित [1, पृ. 13]।
  • कृषक उपज रहन ऋण योजना: कृषि उपज गिरवी रखकर 3 प्रतिशत ब्याज पर ऋण [1, पृ. 13]।

7.3 फसल बीमा

  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना खरीफ 2016 से लागू। किसान प्रीमियम: खरीफ 2%, रबी 1.5%, वाणिज्यिक/उद्यानिकी फसलें 5% [1, पृ. 14]।
  • 15 दिसंबर 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच लगभग ₹6,206.61 करोड़ के दावे पात्र किसानों को वितरित [1, पृ. 14]।

PMFBY एवं पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना: मौसमवार प्रगति (NCIP पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार) [24, पृ. 30]

फसल मौसमबीमित पॉलिसी (लाख)बीमित राशि (₹ करोड़)कुल प्रीमियम (₹ करोड़)लाभान्वित पॉलिसी (लाख)बीमा क्लेम (₹ करोड़)
खरीफ 202067.1020,479.923,795.7718.642,481.49
रबी 2020-2140.6324,384.692,563.766.121,870.28
खरीफ 2021186.0119,601.853,577.5493.053,947.43
रबी 2021-22159.1323,187.202,600.8223.271,200.12
खरीफ 2022218.3218,606.643,607.2870.771,693.67
रबी 2022-23 (अनुमानित)173.2123,074.072,609.1543.772,673.01
खरीफ 2023 (अनुमानित)221.9521,608.602,752.0161.932,653.28
रबी 2023-24 (अनुमानित)168.9628,423.872,114.3025.351,313.34
खरीफ 2024 (अनुमानित)219.0321,869.402,813.3539.141,096.10
रबी 2024-25 (अनुमानित)154.2127,745.432,003.8810.11**
खरीफ 2025 (अनुमानित)217.9122,682.142,793.68क्लेम आकलन जारीक्लेम आकलन जारी
रबी 2025-26 (अनुमानित)170.7527,400.931,960.23पॉलिसी सृजन जारीपॉलिसी सृजन जारी

** फसल मौसम सत्र 2024-25 हेतु ₹808.44 करोड़ के क्लेम वितरित; शेष का भुगतान प्रक्रियाधीन [24, पृ. 30]।

  • 2026-27 के बजट में कृषि विभाग के अंतर्गत "प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना" के लिए ₹2,29,871.06 लाख का प्रावधान है [5, पृ. 4]।

8. प्रमुख कृषि मिशन एवं कार्यक्रम

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (NFSNM): 2025-26 में गेहूँ हेतु 18 ज़िले और दलहन हेतु सभी 41 ज़िले शामिल [1, पृ. 15]। दलहन घटक को रबी 2025-26 से "दलहन आत्मनिर्भरता मिशन" (2025-26 से 2030-31) में मिला दिया गया [1, पृ. 15]।
    • मक्का हेतु 9 ज़िले: बारां, झालावाड़, बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सलूम्बर, उदयपुर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद [1, पृ. 15]।
    • श्री अन्न: ज्वार हेतु 11 ज़िले और बाजरा हेतु 28 ज़िले [1, पृ. 15]।
    • कपास (वाणिज्यिक फसल) हेतु 18 ज़िले [1, पृ. 15]।
    • 2025-26 (दिसंबर तक) इन घटकों पर ₹136.63 करोड़ व्यय [1, पृ. 16]।
  • राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन: केंद्र:राज्य वित्तपोषण 60:40; 2025-26 में ₹125.00 करोड़ प्रावधान के विरुद्ध दिसंबर तक ₹105.73 करोड़ व्यय [1, पृ. 16]।
  • राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन: 2025-26 में शुरू; 2,000 क्लस्टर (केंद्र 1,800, राज्य 200), 2.50 लाख किसान, 1.0 लाख हेक्टेयर [1, पृ. 16]।
  • परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY): क्लस्टर आधार पर जैविक खेती और PGS-India प्रमाणन; 2025-26 में ₹42.07 करोड़ प्रावधान के विरुद्ध दिसंबर तक ₹4.20 करोड़ व्यय [1, पृ. 16]।
  • प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY): 2025-26 से छह वर्ष के लिए; 11 मंत्रालयों/विभागों की योजनाओं का समेकन; देश के 100 आकांक्षी कृषि ज़िलों के लिए। राजस्थान के चयनित ज़िले: बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, नागौर, जोधपुर, बीकानेर, चूरू, जालोर [1, पृ. 16]।
  • अनुकूलन परीक्षण केंद्र (ATC): कृषि विश्वविद्यालयों की सिफारिशों की क्षेत्र विशेष में उपयुक्तता की जाँच; जैविक खेती में तीन उत्कृष्ट किसानों को प्रतिवर्ष ₹1 लाख का पुरस्कार [1, पृ. 16]।
  • राष्ट्रीय कृषि विकास योजना: वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (RKVY-RAD): 2025-26 में 275 क्लस्टरों में लागू। किसान द्वारा समन्वित कृषि पद्धति के साथ मछली पालन, मधुमक्खी पालन, साइलेज निर्माण और वर्मीकम्पोस्ट इकाई में से कोई दो गतिविधियाँ अपनाने पर ₹30,000 की सहायता। 2025-26 में ₹3,000.00 लाख के प्रावधान के विरुद्ध 15 जनवरी 2026 तक ₹1,265.47 लाख व्यय [24, पृ. 26]।
  • प्राकृतिक खेती (मिशन का ढांचा): 50 हेक्टेयर के क्लस्टर में 125 किसान; प्रत्येक क्लस्टर में 2 कृषि सखी/CRP; प्रत्येक चयनित किसान को ₹4,000 DBT से; क्लस्टरों में जैव इनपुट संसाधन केंद्र; उत्पादन का प्राकृतिक खेती PGS प्रमाणीकरण। 2025-26 में ₹7,222.80 लाख के प्रावधान के विरुद्ध 15 जनवरी 2026 तक ₹621.76 लाख व्यय [24, पृ. 26-27]।
  • आत्मा (ATMA): केंद्र:राज्य हिस्सा 60:40; राज्य के सभी 41 ज़िलों में लागू [24, पृ. 19]।

9. पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य

9.1 पशुधन

  • 20वीं पशुगणना (2019) के अनुसार राज्य में कुल पशुधन 568.01 लाख और कुक्कुट 146.23 लाख [1, पृ. 20]।
  • देश के पशुधन में राज्य का हिस्सा 10.60 प्रतिशत; गोवंश 7.24%, भैंस 12.47%, बकरी 14.00%, भेड़ 10.64% और ऊँट 84.43% [1, पृ. 20]।
  • 2023-24 में देश के दूध उत्पादन में 14.51 प्रतिशत और ऊन उत्पादन में 47.53 प्रतिशत योगदान [1, पृ. 20]।
  • 2024-25 (भारत सरकार के अनुमान): देश के दूध उत्पादन में राजस्थान का हिस्सा 14.82 प्रतिशत है और राज्य उत्तर प्रदेश (15.66%) के बाद दूसरे स्थान पर है; ऊन उत्पादन में राजस्थान 47.85 प्रतिशत हिस्से के साथ प्रथम है [20]।
  • 2024-25 में देश का कुल दूध उत्पादन 247.87 मिलियन टन और ऊन उत्पादन 34.57 मिलियन किग्रा रहा [20]। दूध, अंडा, मांस और ऊन के ये अनुमान वार्षिक "एकीकृत नमूना सर्वेक्षण" (ISS) से बनते हैं [19; 20]।
  • 21वीं पशुगणना: 25 अक्टूबर 2024 को शुरू हुई [21]। इसमें ICAR-राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBAGR) द्वारा मान्य 16 प्रजातियों की 219 देशी नस्लों के आंकड़े लिए जाने थे, और यह पहली पशुगणना है जिसमें पशुपालक (pastoralist) समुदायों के पशुधन के आंकड़े भी एकत्र किए जाने थे [27]। 25 मार्च 2025 को लोकसभा में दिए उत्तर के अनुसार तब गणना कार्य जारी था [21]। पशुपालन एवं डेयरी विभाग के पशुपालन सांख्यिकी पेज (अंतिम अद्यतन 15 सितंबर 2026) पर 21वीं पशुगणना की नियमावली, परिचालन दिशानिर्देश और नस्ल सूची उपलब्ध है, पर राज्यवार परिणाम रिपोर्ट सूचीबद्ध नहीं है [19]। इसलिए इस अध्याय में पशुधन संख्या 20वीं पशुगणना (2019) की है।

पशुधन उत्पादन [1, पृ. 20, तालिका 1.10]

वर्षदूध (हजार टन)मांस (हजार टन)अंडे (मिलियन)ऊन (लाख किग्रा)
2019-2026,5722002,698144
2021-2233,2652212,688156
2022-2333,3072402,761161
2023-2434,7332473,087160
  • 2025-26 (दिसंबर तक) 571.90 लाख टीकाकरण और 17.09 लाख कृत्रिम गर्भाधान [1, पृ. 21]।
  • मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना: 2024-25 में 5.54 लाख परिवारों के 10.63 लाख पशुओं का निःशुल्क बीमा; 2025-26 में कुल 42 लाख पशुओं का लक्ष्य; प्रीमियम का 100 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है [1, पृ. 21]।
  • ऊष्ट्र संरक्षण एवं विकास मिशन: अब तक 25,364 नवजात टोडियों के लिए 9,379 ऊष्ट्र पालकों को ₹17 करोड़ की सहायता [1, पृ. 21]।
  • मोबाइल पशु चिकित्सा सेवा 1962 के माध्यम से 536 वाहन कार्यरत [1, पृ. 21]।

9.2 गोपालन

  • पंजीकृत गौशालाओं को सहायता दर 1 अप्रैल 2025 से बड़े पशु हेतु ₹44 से बढ़ाकर ₹50 और छोटे पशु हेतु ₹22 से ₹25 प्रति पशु प्रति दिन (270 दिन) की गई। दिसंबर 2025 तक 3,043 गौशालाओं को ₹1,204.90 करोड़ आवंटित [1, पृ. 22]।
  • 2026-27 के बजट में गोपालन निदेशालय का प्रावधान ₹2,60,917.99 लाख है [5, पृ. 1]।

9.3 डेयरी विकास

  • दिसंबर 2025 तक 19,643 दुग्ध सहकारी समितियाँ, 24 ज़िला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों और शीर्ष संस्था राजस्थान को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (RCDF), जयपुर से संबद्ध [1, पृ. 23]।
  • ज़िला दुग्ध संघ संयंत्रों की स्थापित प्रसंस्करण क्षमता 51.40 लाख लीटर प्रतिदिन [1, पृ. 23]।
  • दिसंबर 2025 तक औसत दुग्ध संकलन 30.29 लाख किग्रा प्रतिदिन; लगभग 10 लाख दुग्ध उत्पादक जुड़े; ₹4,304.91 करोड़ भुगतान [1, पृ. 23]।
  • मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना: 2022-23 से अनुदान ₹2 से बढ़ाकर ₹5 प्रति लीटर; 2025-26 में ₹650 करोड़ प्रावधान के विरुद्ध दिसंबर तक ₹519 करोड़ DBT से वितरित [1, पृ. 22]।

9.4 मत्स्य

  • राज्य में लगभग 4.30 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र है; इसमें 3.36 लाख हेक्टेयर बड़े और मध्यम जलाशय तथा 0.94 लाख हेक्टेयर छोटे तालाब हैं [1, पृ. 23]।
  • मत्स्य उत्पादन: 2023-24 में 91,349.43 मी.ट. और 2024-25 में 1,13,647.21 मी.ट. [1, पृ. 24, तालिका 1.12]।
  • चूरू में खारे पानी की जलीय कृषि प्रयोगशाला झींगा पालकों के लिए बनकर तैयार [1, पृ. 24]।

चित्र 6 कृषि उपज की मूल्य श्रृंखला: उत्पादन से निर्यात तक
उत्पादनखाद्यान्न 2,97,62,858 टन(2025-26, अंतिम अनुमान) [3]भंडारणRSWC: 97 गोदाम, 17.25 लाख मी.ट.औसत उपयोग 48% (दिसंबर 2025) [1]प्रसंस्करणPM-FME: 414 आवेदन स्वीकृत (2025-26) [1]नामित फूड पार्क: 12 (15.05.2024) [17]विपणन285 क्रय-विक्रय एवं फल-सब्ज़ी समितियाँई-नाम से कृषक उपहार योजना [1]निर्यातकृषि एवं खाद्य उत्पाद ₹7,195.18 करोड़(2024-25) [1]

स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2025-26 [1, पृ. 17-19, 98]; APY 2025-26 [3]; MoFPI सूची [17]

10. कटाई-पश्चात प्रबंधन, भंडारण एवं विपणन

10.1 भंडारण

  • राजस्थान राज्य भंडार व्यवस्था निगम (RSWC) कृषि जिंसों के वैज्ञानिक भंडारण की नोडल संस्था है [1, पृ. 17]।
  • दिसंबर 2025 तक 36 ज़िलों में 97 गोदाम, कुल क्षमता 17.25 लाख मी.ट.; औसत उपयोग 8.25 लाख मी.ट. (48 प्रतिशत) [1, पृ. 17]।
  • भंडारण शुल्क में छूट: SC/ST किसान 70%, किसान उत्पादक संगठन 60%, सामान्य किसान 30%, सहकारी समितियाँ 10% [1, पृ. 17]।
  • सहकारी संस्थाओं द्वारा विभिन्न योजनाओं में कुल 8,912 गोदाम बनाए गए हैं [1, पृ. 18]।

10.2 विपणन

  • 285 क्रय-विक्रय सहकारी समितियाँ एवं फल-सब्ज़ी विपणन समितियाँ पंजीकृत [1, पृ. 19]।
  • कृषक उपहार योजना: ई-नाम पोर्टल से उपज बेचने वाले किसानों को ₹10,000 मूल्य की बिक्री पर कूपन; 2025-26 (दिसंबर तक) 798 लॉटरी से ₹1.38 करोड़ के पुरस्कार [1, पृ. 19]।
  • 2025-26 (दिसंबर तक) मंडी यार्ड विकास, सड़क निर्माण और अन्य जमा कार्यों पर ₹513.65 करोड़ व्यय [1, पृ. 19]।
  • रबी विपणन वर्ष 2025-26 में गेहूँ खरीद: 327 केंद्रों से 1.73 लाख किसानों से 21.37 लाख मी.ट.; न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹2,425 प्रति क्विंटल [1, पृ. 25]।
  • राजस्थान कृषक समर्थन योजना: MSP पर ₹150 प्रति क्विंटल बोनस; राज्य सरकार द्वारा ₹320.50 करोड़ का भुगतान [1, पृ. 25]।

चित्र 7 कृषि प्रसंस्करण इकाइयों के लिए नीतिगत ढांचा
कृषि एवं खाद्यप्रसंस्करण इकाई(MSME / FPO / बड़ी इकाई)RIPS 2024वित्त विभाग, 8.10.2024; 31.3.2029 तकMSME: 50% पूंजी अनुदान, अधि. ₹1.5 करोड़मंडी शुल्क प्रतिपूर्ति 7 वर्ष [8]ODOP नीति 2024उद्योग विभाग; 31.3.2029 तकमार्जिन मनी: सूक्ष्म 25%, लघु 15%कृषि उत्पाद: केवल प्रसंस्करण इकाइयाँ [9]कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति 2026मंत्रिमंडल मंज़ूरी 7.8.2026अनुदान 60/50/40%, अधि. ₹1.5 करोड़अधिसूचना पाठ अप्राप्त [16]फूड पार्क विकास नीति 2026मंत्रिमंडल मंज़ूरी 7.8.2026हर ज़िले में क्लस्टर आधारितफूड पार्क, 4 श्रेणियाँ [16]PM-FME (केंद्र:राज्य 60:40)35%, अधि. ₹10 लाख [1]NABARD फूड प्रोसेसिंग फंडनामित फूड पार्क इकाइयाँ [17]2019 की कृषि प्रसंस्करण नीति 31.3.2024 को समाप्त [10]

स्रोत: RIPS 2024 [8]; ODOP नीति 2024 [9]; नीति 2019 [10]; प्रेसवार्ता रिपोर्ट [16]; MoFPI ज्ञापन [17]; आर्थिक समीक्षा 2025-26 [1]

11. कृषि आधारित उद्योग एवं खाद्य प्रसंस्करण

11.1 वर्तमान स्थिति

  • राइज़िंग राजस्थान शिखर सम्मेलन 2024 के अंतर्गत प्रसंस्करण क्षेत्र में ₹43,794.84 करोड़ निवेश के 2,524 समझौता ज्ञापन (MoU) किए गए [1, पृ. 18]।
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PM-FME):
    • 2020-21 से 2024-25 के लिए प्रस्तावित, अब 2025-26 तक विस्तारित; केंद्र:राज्य अनुदान अनुपात 60:40 [1, पृ. 18]।
    • व्यक्तिगत आवेदक को इकाई स्थापना/विस्तार हेतु 35 प्रतिशत, अधिकतम ₹10 लाख अनुदान; अनुदान 3 वर्ष की लॉक-इन अवधि के बाद ऋण खाते में समायोजित [1, पृ. 18]।
    • 2025-26 (दिसंबर तक) 2,048 आवेदन प्राप्त, 414 स्वीकृत, अनुदान राशि ₹23.54 करोड़ [1, पृ. 18]।
    • 8 ज़िलों में 8 इन्क्यूबेशन केंद्र स्वीकृत; केंद्र सरकार द्वारा ₹23.11 करोड़ स्वीकृत एवं जारी [1, पृ. 18]।
  • राजस्थान मसाला कॉन्क्लेव 2025: 8 सितंबर 2025 को बिड़ला ऑडिटोरियम, जयपुर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में; राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा विकसित "Raj Spice App" का लोकार्पण; लगभग 4,000 व्यापारी पंजीकृत [1, पृ. 19]।
  • राष्ट्रीय सहकारी मसाला मेला 2025: 9 से 18 मई 2025, जवाहर कला केंद्र, जयपुर [1, पृ. 19]।
  • डेयरी उत्पाद: RCDF घी, छाछ, लस्सी, श्रीखंड, पनीर, दही, टेट्रा पैक दूध, मावा, आइसक्रीम, फ्लेवर्ड दूध, बर्फी और पेड़ा बनाता है; दिसंबर 2025 तक 21,669 मी.ट. घी का विपणन [1, पृ. 23]।
  • दिसंबर 2025 तक RCDF ने 3,66,758 मी.ट. पशु आहार का उत्पादन किया [1, पृ. 23]।

11.2 कृषि एवं खाद्य उत्पादों का निर्यात

राजस्थान से निर्यात (₹ करोड़) [1, पृ. 98, तालिका 5.3]

वर्षकृषि एवं खाद्य उत्पादकुल निर्यात
2020-213,740.6552,764.31
2021-225,180.1771,999.72
2022-236,334.2177,771.35
2023-246,486.7883,704.24
2024-257,195.1897,171.66
  • राज्य के शीर्ष पाँच निर्यात समूह इंजीनियरिंग वस्तुएँ, रत्न एवं आभूषण, धातु, वस्त्र और हस्तशिल्प हैं, जो कुल निर्यात का 67 प्रतिशत से अधिक हैं [1, पृ. 98]। कृषि एवं खाद्य उत्पाद इन पाँच में नहीं हैं।

11.3 राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना (RIPS) 2024

  • वित्त विभाग (कर प्रभाग) का आदेश, दिनांक 8 अक्टूबर 2024 [8, पृ. 8]।
  • प्रभावी अवधि: 31 मार्च 2029 तक, या नई नीति अधिसूचित होने तक, जो पहले हो [8, पृ. 12]।
  • कम से कम 50 किसान सदस्यों वाले पंजीकृत किसान उत्पादक संगठन (FPO) और किसान उत्पादक सहकारी संस्थाएँ इसके प्रोत्साहनों हेतु पात्र हैं [8, पृ. 12]।
  • "Agri & Food Processing" और "Dairy" विनिर्माण थ्रस्ट सेक्टरों की सूची में शामिल हैं [8, पृ. 120]।
  • संबंधित विभाग के रूप में कृषि विभाग के क्षेत्र: कृषि उत्पादों के संरक्षण हेतु अवसंरचना, कोल्ड चेन एवं संरक्षण अवसंरचना, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, इथेनॉल, एग्री-टेक [8, पृ. 122]।

कृषि प्रसंस्करण से संबंधित प्रोत्साहन

प्रावधानविवरणस्रोत
MSME पूंजी अनुदानकृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को पूंजी निवेश का 50%, अधिकतम ₹1.5 करोड़[8, पृ. 45]
अतिरिक्त पूंजी अनुदानSC/ST/महिला उद्यमियों के स्वामित्व वाले FPO और जनजाति उप-योजना क्षेत्र की इकाइयों को 5% अतिरिक्त[8, पृ. 45]
MSME ब्याज अनुदानसंयंत्र-मशीनरी ऋण पर 7 वर्ष तक: ₹5 करोड़ तक 6%, ₹5-10 करोड़ पर 4%, ₹10-50 करोड़ पर 3%[8, पृ. 46]
कृषि आधारित उद्योगों को अतिरिक्त ब्याज अनुदान₹25 लाख तक के ऋण पर 1% अतिरिक्त[8, पृ. 46]
मंडी शुल्कमंडी शुल्क/बाज़ार शुल्क की 100% प्रतिपूर्ति, 7 वर्ष तक[8, पृ. 25, 47, 58]
विद्युत शुल्क7 वर्ष तक 100% छूट[8, पृ. 25, 47]
स्टांप शुल्क और रूपांतरण शुल्क75% छूट और 25% प्रतिपूर्ति[8, पृ. 25, 47]
गोदाम और कोल्ड स्टोरेजन्यूनतम पात्र निवेश ₹2 करोड़; पात्र निवेश का 25% पूंजी अनुदान, वार्षिक सीमा ₹15 करोड़, 10 वर्ष में वितरण[8, पृ. 56-57]
साइलोन्यूनतम पात्र निवेश ₹15 करोड़; 25% पूंजी अनुदान, वार्षिक सीमा ₹15 करोड़[8, पृ. 57]
लॉजिस्टिक्स विकल्पपूंजी अनुदान के स्थान पर 7 वर्ष तक 7% ब्याज अनुदान; गोदाम, साइलो, कोल्ड स्टोरेज हेतु वार्षिक सीमा ₹0.5 करोड़[8, पृ. 58]
निजी फूड प्रोसेसिंग पार्कसर्किल दर पर भूमि; सीमा तक जल और विद्युत की सुविधा; न्यूनतम क्षेत्र: Area Category 1 में 15 एकड़, Category 2 व 3 में 10 एकड़[8, पृ. 57, 59]
MSME क्लस्टरकम से कम 20 सूक्ष्म/लघु इकाइयों का SPV साझा सुविधा केंद्र हेतु ₹10 करोड़ तक का ऋण 5% ब्याज पर ले सकता है[8, पृ. 47]
  • मंडी शुल्क के संबंध में ध्यान दें: योजना में यह "छूट" नहीं, "प्रतिपूर्ति" (reimbursement) है [8, पृ. 47]।
  • दस्तावेज़ के भीतर अंतर: RIPS 2024 के अंतिम सारांश पृष्ठ पर कोल्ड स्टोरेज के लिए 20% पूंजी अनुदान लिखा है [8, पृ. 127], जबकि मुख्य पाठ की तालिका में 25% है [8, पृ. 57]।
  • परिभाषाएँ [8, पृ. 101 से आगे]:
    • कृषि उत्पाद: कृषि, उद्यानिकी, रेशम, पुष्प, सुगंधित-औषधीय पौधे, मत्स्य, कुक्कुट, मधुमक्खी पालन और डेयरी की उपज, जिसमें लघु वन उपज और पशुधन आधारित उत्पाद भी शामिल हैं।
    • कृषि प्रसंस्करण क्षेत्र: ऐसी विनिर्माण इकाइयाँ जो प्रसंस्करण द्वारा कृषि उत्पादों से अलग नाम, स्वरूप और उपयोग वाला नया उत्पाद बनाती हैं।
    • डेयरी क्षेत्र: कच्चे दूध से उपभोक्ता दूध, चीज़, स्किम्ड मिल्क पाउडर, घी, पनीर, आइसक्रीम आदि बनाने वाली इकाइयाँ।
  • अपात्र उद्योग: तंबाकू एवं पान मसाला, गोमांस प्रसंस्करण, खुदरा/व्यापार गतिविधियाँ, सिटी गैस वितरण [8, पृ. 111]।

11.4 राज्य में नामित फूड पार्क (भारत सरकार की सूची)

  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) ने 17 मई 2024 के कार्यालय ज्ञापन (F.No.15-MFPI/14-Mega FP) से 15.05.2024 तक के 325 नामित फूड पार्कों (Designated Food Parks) की समेकित सूची अधिसूचित की। इसने 09.03.2022 के ज्ञापन का स्थान लिया [17, पृ. 1]।
  • उद्देश्य: इन नामित फूड पार्कों की कृषि प्रसंस्करण इकाइयों को भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा NABARD में स्थापित "फूड प्रोसेसिंग फंड 2015-16" से सस्ता ऋण उपलब्ध कराना। ज्ञापन का विषय NABARD में ₹2,000 करोड़ के विशेष कोष से संबंधित है; NABARD इसकी नोडल एजेंसी है [17, पृ. 1]।
  • सूची में राजस्थान की 12 प्रविष्टियाँ हैं (क्रमांक 228 से 239) [17, पृ. 21-22]:
क्रमांकनाम / प्रवर्तकस्थान (सूची अनुसार)श्रेणी
228फूड पार्क-कोटा (RIICO)रानपुर, ज़िला कोटाफूड पार्क
229फूड पार्क-श्रीगंगानगर (RIICO)श्रीगंगानगरफूड पार्क
230स्पाइसेज़ पार्क-जोधपुररामपुरा भाटिया गाँव, जोधपुरमेगा फूड पार्क (राज्य द्वारा स्वीकृत)
231स्पाइसेज़ पार्क-रामगंजमंडीरामगंजमंडी, ज़िला कोटामेगा फूड पार्क (राज्य द्वारा स्वीकृत)
232ग्रीनटेक मेगा फूड पार्क (ग्रीनटेक मेगा फूड पार्क प्रा. लि.)रूपनगढ़ गाँव, अजमेरमेगा फूड पार्क (MoFPI द्वारा स्वीकृत)
233फूड पार्क-अलवर (RIICO)अलवरफूड पार्क
234फूड पार्क-जोधपुर (RIICO)बोरानाडा, ज़िला जोधपुरफूड पार्क
235मैसर्स ग्रीनफील्ड्स एग्रो पार्कनेवाई, तहसील नेवाई, ज़िला टोंककृषि प्रसंस्करण क्लस्टर
236मैसर्स श्री राम मेगा फूड पार्क प्रा. लि.पलाना गाँव, तहसील एवं ज़िला बीकानेरमेगा फूड पार्क (MoFPI द्वारा स्वीकृत)
237मैसर्स गरुड़ा अर्बन रेमेडीज़ लि.चांदराई गाँव, तहसील आहोर, ज़िला जालोरकृषि प्रसंस्करण क्लस्टर
238मैसर्स ग्रेटेक एग्रो प्रा. लि.आदर्श नगर गाँव, तहसील पावटा, ज़िला जयपुरकृषि प्रसंस्करण क्लस्टर
239मैसर्स लैंडमार्क एग्रोफुलिया खुर्द, तहसील शाहपुरा, खेड़ा राजपुरा, भीलवाड़ाकृषि प्रसंस्करण क्लस्टर
  • श्रेणीवार योग (राजस्थान): फूड पार्क 4 (सभी RIICO द्वारा प्रवर्तित), मेगा फूड पार्क 4 (2 MoFPI द्वारा स्वीकृत, 2 राज्य द्वारा स्वीकृत स्पाइसेज़ पार्क), कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर (APC) 4 [17, पृ. 21-22]। श्रेणी संक्षेप का अर्थ सूची के अंत में दिया गया है [17, पृ. 29]।
  • सूची में ज़िलों के नाम मई 2024 के अनुसार हैं। दिसंबर 2024 के ज़िला पुनर्गठन के बाद किसी स्थान का वर्तमान ज़िला क्या है, यह इस सूची से तय नहीं होता।
  • सूची केवल नामित होने की स्थिति बताती है; किसी पार्क के चालू (operational) होने की जानकारी इसमें नहीं है।

आंकड़ों में अंतर (निवेश संवर्धन ब्यूरो का पेज बनाम MoFPI सूची): Rising Rajasthan पेज पर जयपुर, जोधपुर और टोंक में 3 कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर बताए गए हैं [18]; MoFPI की 15.05.2024 की सूची में राजस्थान के 4 APC हैं: टोंक, जालोर, जयपुर और भीलवाड़ा; इसमें जोधपुर का कोई APC नहीं है [17, पृ. 21-22]। कोटा, जोधपुर, श्रीगंगानगर और अलवर के RIICO फूड पार्क, अजमेर का ग्रीनटेक मेगा फूड पार्क और बीकानेर का मेगा फूड पार्क दोनों स्रोतों में हैं [17; 18]।

चित्र 8 राजस्थान के नामित फूड पार्क: श्रेणीवार
राजस्थान: 12 नामित फूड पार्कMoFPI सूची, 15.05.2024फूड पार्क (RIICO): 4कोटा (रानपुर)श्रीगंगानगरअलवरजोधपुर (बोरानाडा)मेगा फूड पार्क: 4MoFPI स्वीकृत:अजमेर (रूपनगढ़)बीकानेर (पलाना)राज्य स्वीकृत स्पाइसेज़ पार्क:जोधपुर, रामगंजमंडीकृषि प्रसंस्करण क्लस्टर: 4नेवाई (टोंक)आहोर (जालोर)पावटा (जयपुर)शाहपुरा (भीलवाड़ा)

स्रोत: MoFPI कार्यालय ज्ञापन, 17.05.2024 [17, पृ. 21-22]

11.5 राजस्थान एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP) नीति 2024

  • उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की नीति; राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से 31 मार्च 2029 तक प्रभावी [9, पृ. 24]।
  • नीति 50 ज़िलों के ढांचे में बनाई गई थी [9, मंत्री संदेश] और "सभी 10 संभागीय मुख्यालयों" पर गतिविधियों की बात करती है [9, पृ. 20]; वर्तमान में राज्य में 41 ज़िले और 7 संभाग हैं [11]।
  • जो ODOP उत्पाद कृषि उपज हैं, उनके लिए नीति केवल उन कृषि प्रसंस्करण MSME इकाइयों पर लागू है जो कृषि उपज का मूल्य संवर्धन करती हैं [9, पृ. 11]।
  • नीति में "कृषि" में उद्यानिकी, पशु प्रजनन, डेयरी, कुक्कुट पालन और वानिकी शामिल हैं [9, पृ. 6]।
  • ODOP इकाई की शर्त: एक से अधिक उत्पाद होने पर कम से कम 50 प्रतिशत टर्नओवर स्वीकृत ODOP उत्पादों से [9, पृ. 8]।

प्रमुख वित्तीय प्रावधान [9, पृ. 14-20]

योजनासहायता
मार्जिन मनी (नई सूक्ष्म इकाई)पात्र परियोजना लागत का 25%, अधिकतम ₹15 लाख
मार्जिन मनी (नई लघु इकाई)15%, अधिकतम ₹20 लाख
SC/ST, महिला, दिव्यांग, 35 वर्ष से कम आयु के उद्यमीअतिरिक्त अधिकतम ₹5 लाख
तकनीक/सॉफ्टवेयरलागत का 50%, अधिकतम ₹5 लाख (एकमुश्त)
गुणवत्ता प्रमाणन (BIS, FSSAI, ISO, ZED, IPR)75% प्रतिपूर्ति, अधिकतम ₹3 लाख
राज्य में मेले/प्रदर्शनी₹50,000 या स्टॉल किराए का 75% (जो कम हो), वर्ष में अधिकतम 3 आयोजन
देश में (राज्य से बाहर) मेले₹1,50,000 या 75%, वर्ष में अधिकतम 2 आयोजन
विदेश में मेले₹2,00,000 या 75%, वर्ष में अधिकतम 1 आयोजन
ई-कॉमर्स शुल्क75% प्रतिपूर्ति, अधिकतम ₹1 लाख प्रति वर्ष, 2 वर्ष तक
कैटलॉग/ई-कॉमर्स वेबसाइट60%, अधिकतम ₹75,000 (एकमुश्त)
  • ODOP कोष में केंद्र, राज्य, RIICO, कृषि विपणन बोर्ड और CSR से अंशदान होगा [9, पृ. 20]।
  • राज्य विभाग एक वित्तीय वर्ष में ₹15 लाख तक के ODOP उत्पाद बिना निविदा के ई-बाज़ार/GeM से खरीद सकेंगे; इसके लिए RTPP अधिनियम 2012 और नियम 2013 में आवश्यक संशोधन किए जाने हैं [9, पृ. 23]।
  • नीति का प्रशासनिक निकाय उद्योग एवं वाणिज्य आयुक्तालय के अधीन "Export & ODOP Promotion Cell (EOPC)" है [9, पृ. 26]।
  • राज्य स्तरीय समीक्षा समिति में कृषि विभाग का संयुक्त सचिव से अनिम्न स्तर का प्रतिनिधि सदस्य है [9, पृ. 25]।
  • जयपुर में यूनिटी मॉल (पीएम एकता मॉल) का निर्माण भारत सरकार की "पूंजी निवेश हेतु राज्यों को विशेष सहायता योजना 2023-24" के अंतर्गत प्रारंभिक चरण में है [9, पृ. 23]।
  • नीति के अंतर्गत योजनाओं में 272 इकाइयों को ₹1,154.36 लाख की सहायता दी गई [1, पृ. 99, तालिका 5.4]।

ODOP में कृषि आधारित उत्पाद वाले ज़िले [1, पृ. 100, तालिका 5.5]

ज़िलाODOP उत्पाद
बारांलहसुन उत्पाद
भरतपुरकृषि आधारित उत्पाद
हनुमानगढ़कृषि आधारित उत्पाद
बीकानेरबीकानेरी नमकीन
नागौरपान मेथी एवं मसाला प्रसंस्करण
श्रीगंगानगरसरसों तेल
फलोदीसोनामुखी उत्पाद

11.6 राजस्थान कृषि प्रसंस्करण, कृषि व्यवसाय एवं कृषि निर्यात प्रोत्साहन नीति 2019

  • नीति 31 मार्च 2024 तक प्रभावी थी और इसकी समीक्षा 2021 में होनी थी [10, पृ. 14]।
  • नोडल विभाग कृषि विभाग और नोडल एजेंसी राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड [10, पृ. 58]।
  • पूंजी निवेश अनुदान: किसान या उनके संगठनों को संयंत्र-मशीनरी और तकनीकी सिविल कार्य पर 50%, अधिकतम ₹100 लाख; अन्य को 25%, अधिकतम ₹50 लाख [10, पृ. 27]।
  • ब्याज अनुदान: कृषि प्रसंस्करण इकाइयों के सावधि ऋण पर 5%, अधिकतम 5 वर्ष और ₹50 लाख; गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस, रीफर वैन जैसी कृषि अवसंरचना परियोजनाओं के लिए अधिकतम ₹100 लाख [10, पृ. 28]।
  • किसानों/FPO के पूर्ण स्वामित्व वाली इकाइयों; SC/ST, महिला और 35 वर्ष से कम आयु के उद्यमियों; तथा TSP/पिछड़े ज़िलों की इकाइयों को 1-1% अतिरिक्त ब्याज अनुदान [10, पृ. 28-29]।
  • पात्र क्षेत्र में फल-सब्ज़ी, मसाले, तिलहन, दलहन, दूध, शहद, औषधीय-सुगंधित उत्पाद, लघु वन उपज, पशु आहार और कृषि अपशिष्ट प्रसंस्करण तथा संग्रहण केंद्र, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस आदि अवसंरचना शामिल हैं [10, पृ. 60]।
  • नीति की अवधि समाप्त होने के बाद भी 2026-27 के कृषि बजट में राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड के अंतर्गत "नीति-2019" मद में ₹25,000.00 लाख का प्रावधान है [5, पृ. 18]। बजट दस्तावेज़ में इसका कारण नहीं बताया गया है।

11.7 राजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति 2026 (स्थिति)

नीचे के तथ्य मंत्रिमंडल बैठक के बाद हुई प्रेसवार्ता पर आधारित समाचार रिपोर्ट से हैं [16], जिसमें उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने नीतियों की जानकारी दी। नीति का अधिसूचित आधिकारिक पाठ इस अध्याय के संकलन तक सत्यापित स्रोतों में नहीं मिला; अधिसूचना जारी होने पर प्रावधान उससे मिलाएँ।

  • मंज़ूरी: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में 7 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को मुख्यमंत्री कार्यालय, जयपुर में हुई मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक में "राजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026" और "राजस्थान फूड पार्क विकास नीति-2026" को मंज़ूरी दी गई [16; 12]।

राजस्थान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 (जैसा प्रेसवार्ता में बताया गया) [16]

  • उद्देश्य: कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को बढ़ावा, ग्रामीण उद्यमिता, कृषि उपज का मूल्य संवर्धन, आपूर्ति श्रृंखला को मज़बूत करना और प्रसंस्कृत कृषि उत्पादों का विपणन।
  • शामिल इकाइयाँ: फल-सब्ज़ी, मसाला, अनाज, तिलहन, दलहन, औषधीय उत्पाद, लघु वन उपज, शहद, दुग्ध और पशु आहार इकाइयाँ; साथ ही साइलो और कोल्ड स्टोरेज जैसी अवसंरचना परियोजनाएँ।
  • श्रीअन्न प्रमोशन एजेंसी: मिलेट्स को बढ़ावा देने हेतु स्थापित की जाएगी।
  • पूंजीगत अनुदान (कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ, श्रीअन्न इकाइयाँ और प्राथमिक प्रसंस्करण इकाइयाँ; समाचार में स्लैब "ऋण" की राशि के आधार पर बताए गए हैं):
ऋण राशिअनुदान दर
₹50 लाख तक60%
₹50 लाख से ₹100 लाख50%
₹1 करोड़ से अधिक40%
अधिकतम सीमा₹1.50 करोड़
  • अतिरिक्त अनुदान: FPO, TSP क्षेत्र, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उद्यमियों को अतिरिक्त 5% पूंजीगत अनुदान।
  • RIPS से संबंध: कोल्ड स्टोरेज, साइलो और निर्यात संबंधी अनुदान RIPS-2024 के प्रावधानों के अनुसार मिलेंगे; कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाएँ RIPS-2024 के MSME मानक पैकेज में भी पूंजीगत अनुदान हेतु आवेदन कर सकेंगी।

राजस्थान फूड पार्क विकास नीति-2026 (जैसा प्रेसवार्ता में बताया गया) [16]

  • उद्देश्य: कृषि जिंसों के प्रसंस्करण, व्यवसाय और निर्यात को बढ़ावा; फूड पार्कों की स्थापना, संचालन और प्रबंधन।
  • हर ज़िले में फूड पार्क: क्लस्टर आधारित मॉडल पर चरणबद्ध रूप से; इनमें खाद्य उत्पादों के संरक्षण, भंडारण, प्रसंस्करण और परिवहन की एकीकृत सुविधाएँ होंगी।
  • भूमि: राज्य में विभिन्न स्थानों पर फूड पार्कों के लिए भूमि पहले ही आवंटित की जा चुकी है।
  • चार श्रेणियाँ: फूड पार्कों को भूमि स्वामित्व और विकास संबंधी मानदंडों के आधार पर चार श्रेणियों में बाँटा गया है।
  • प्राथमिकता: उन विकासकर्ताओं को, जो राइज़िंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 में फूड पार्क हेतु MoU धारक हैं, या जो प्रस्तावित फूड पार्क में कम से कम ₹10 करोड़ निवेश के साथ एंकर फूड प्रोसेसिंग इकाई लगाना चाहते हैं।

तुलना हेतु ध्यान दें: RIPS 2024 में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण MSME के लिए पूंजी अनुदान पूंजी निवेश का 50%, अधिकतम ₹1.5 करोड़ है [8, पृ. 45]। 2026 की नीति में बताई गई अधिकतम सीमा भी ₹1.50 करोड़ है, पर दरें स्लैब आधारित (60/50/40%) बताई गई हैं [16]। अधिसूचना आने तक दोनों को अलग-अलग ही उद्धृत करें।

11.8 अन्य संबंधित बजट प्रावधान (2026-27)

  • मेगा फूड पार्क एवं मिनी फूड पार्क: ₹7,500.00 लाख [5, पृ. 18]।
  • मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना: ₹50,000.00 लाख [5, पृ. 18]।
  • प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME): ₹4,596.00 लाख (कृषि विपणन विभाग) [5, पृ. 5]।
  • नया केंद्रीय कदम: खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने 21 अगस्त 2026 को "खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को सस्ता ऋण देने हेतु रिफाइनेंस योजना" के दिशानिर्देश (हिंदी एवं अंग्रेज़ी) अपने पोर्टल पर जारी किए [26]। इनका विवरण इस अध्याय में शामिल नहीं है; NABARD फूड प्रोसेसिंग फंड (खंड 11.4) से इनका संबंध दिशानिर्देश पढ़कर ही तय करें।
  • राजस्थान स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बोर्ड: ₹113.52 लाख [5, पृ. 5]।
  • किसानों को प्रशिक्षण एवं किसान उत्पादक समूहों का गठन: ₹16,833.00 लाख [5, पृ. 18]।
  • राजस्थान राज्य भंडार व्यवस्था निगम द्वारा गोदाम निर्माण पर पूंजीगत व्यय: ₹4,948.29 लाख [5, पृ. 20]।

चित्र 9 कृषि बजट 2026-27: घटकवार प्रावधान (₹ करोड़ में रूपांतरित)
कृषि सब्सिडी₹42,191.11 करोड़कृषि साख (अल्पकालिक ऋण)₹25,480.00 करोड़बाँध, नहरें, कनेक्शन, अवसंरचना₹18,132.07 करोड़कृषि उपज मंडी समिति₹9,001.71 करोड़सामाजिक सुरक्षा₹7,039.83 करोड़कृषि बीमा₹5,987.93 करोड़कृषि शासकीय व्यवस्था₹4,915.01 करोड़कृषि आधारित अन्य गतिविधियाँ₹4,847.07 करोड़कृषि शिक्षा, अनुसंधान, कौशल₹1,813.38 करोड़

स्रोत: कृषि बजट 2026-27, खंड 4 द [5, पृ. 25]; लाख से करोड़ में रूपांतरण इस अध्याय में

12. किसान कल्याण योजनाएँ (2025-26)

स्रोत: [1, पृ. 25-26, चित्र 1.11]

योजनामुख्य प्रावधान/प्रगति
मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधिवार्षिक सहायता ₹2,000 से बढ़ाकर ₹3,000 (बजट 2025-26); चौथी किस्त में ₹717.96 करोड़; 71.79 लाख किसान लाभान्वित
पीएम किसान21वीं किस्त में 65.29 लाख किसानों को ₹1,305.80 करोड़; लाभार्थी संख्या में राज्य देश में 5वें स्थान पर
लघु एवं सीमांत वृद्धजन कृषक सम्मान पेंशन₹1,250 प्रतिमाह; महिला 55 वर्ष+, पुरुष 58 वर्ष+; 1.97 लाख लाभार्थी
राजस्थान कृषक ऋण माफी योजना30 नवंबर 2018 को बकाया अल्पकालीन फसली ऋण माफ; 20.92 लाख किसान; ₹7,881.89 करोड़ (मार्च 2025 तक)
किसान कलेवा योजनाकृषि उपज मंडियों में रियायती भोजन; 18.26 लाख किसान एवं श्रमिक लाभान्वित
कृषि शिक्षा में छात्राओं को प्रोत्साहनवरिष्ठ माध्यमिक (कृषि) ₹15,000, B.Sc./M.Sc. (कृषि) ₹25,000, Ph.D. ₹40,000 प्रति वर्ष; 25,862 छात्राएँ
मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजनाकृषि/विपणन कार्य में मृत्यु या दुर्घटना पर सहायता; 1,938 लाभार्थी, ₹31.06 करोड़
महात्मा ज्योतिबा फुले मंडी श्रमिक कल्याण योजना2015 में प्रारंभ; 698 श्रमिक, ₹3.51 करोड़ (2025-26)

13. कृषि बजट 2026-27

  • राज्य में कृषि बजट खंड 4 द के रूप में अलग से प्रस्तुत किया जाता है; इसमें कृषि, उद्यान, पशुपालन, गोपालन, जल संसाधन, इंदिरा गांधी नहर आदि विभागों का पूरा व्यय और ऊर्जा, सहकारिता, ग्रामीण विकास जैसे विभागों का कृषि से संबंधित आनुपातिक व्यय शामिल है [5, प्रस्तावना]।

कुल प्रावधान [5, पृ. 24]

स्रोतराशि (₹ लाख)राशि (₹ करोड़)*
राज्य बजट से69,42,298.7869,422.99
राज्य बजट के अतिरिक्त49,98,512.7049,985.13
योग1,19,40,811.481,19,408.11

* करोड़ में रूपांतरण (लाख ÷ 100) इस अध्याय में किया गया है; मूल दस्तावेज़ में राशि लाख रुपये में है।

घटकवार प्रावधान [5, पृ. 25]

घटकराशि (₹ लाख)
कृषि सब्सिडी (विद्युत अनुदान, ब्याज अनुदान, गौशालाओं को अनुदान आदि)42,19,110.74
कृषि साख (किसानों को अल्पकालिक कृषि ऋण)25,48,000.02
बाँध, नहरें, कृषि कनेक्शन एवं अन्य आधारभूत संरचना18,13,207.06
कृषि उपज मंडी समिति9,00,170.51
सामाजिक सुरक्षा (मनरेगा, किसान पेंशन आदि)7,03,982.91
कृषि बीमा (फसल एवं पशु बीमा)5,98,793.19
कृषि शासकीय व्यवस्था4,91,501.34
कृषि आधारित अन्य गतिविधियाँ4,84,707.28
कृषि शिक्षा, अनुसंधान तथा कौशल विकास1,81,338.44
  • कृषि सब्सिडी घटक में सबसे बड़ा उप-घटक कृषि ऊर्जा टैरिफ सब्सिडी (₹33,27,238.91 लाख) है [5, पृ. 26]।
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन/तिलहन खरीद हेतु राजफेड के माध्यम से ₹8,65,000.00 लाख का प्रावधान है [5, पृ. 23]।

प्रमुख विभागों के प्रावधान [5, पृ. 1]

विभागराशि (₹ लाख)
ऊर्जा विभाग (विद्युत निगम)33,49,607.91
जल संसाधन विभाग6,08,169.97
कृषि विभाग4,79,435.04
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज (EGS)4,43,282.80
सहकारिता विभाग3,46,642.05
गोपालन निदेशालय2,60,917.99
पशुपालन विभाग2,31,723.32
उद्यान विभाग1,65,760.16
कृषि विपणन विभाग76,865.54

14. स्मरणीय तथ्य (प्रारंभिक परीक्षा हेतु)

  1. 2025-26 में राज्य के GVA में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र का हिस्सा: 25.74% [1, पृ. 3]।
  2. कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र में सबसे बड़ा उप-क्षेत्र: पशुधन (49.35%) [1, पृ. 3]।
  3. कृषि जलवायु क्षेत्रों की संख्या: 10 [1, पृ. 6]।
  4. औसत क्रियाशील जोत (2015-16): 2.73 हेक्टेयर [1, पृ. 6]।
  5. शुद्ध सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा स्रोत: नलकूप (52.03%, 2023-24) [2, पृ. vii]।
  6. सकल सिंचित क्षेत्र में सबसे अधिक हिस्सा: सरसों (28.67%, 2023-24) [2, पृ. viii]।
  7. 2023-24 में सकल फसल क्षेत्र में सबसे अधिक हिस्सा: बाजरा (15.48%) [2, पृ. xii]।
  8. ग्वार उत्पादन में देश में राजस्थान का हिस्सा: 88.80% (2023-24) [1, पृ. 10]।
  9. ऊँटों की संख्या में देश में राजस्थान का हिस्सा: 84.43% [1, पृ. 20]।
  10. देश के ऊन उत्पादन में हिस्सा: 47.53% (2023-24) [1, पृ. 20]; 47.85% (2024-25) [20]।
  11. PMDDKY में चयनित राज्य के ज़िले: 8 [1, पृ. 16]।
  12. RSWC के गोदाम: 97, क्षमता 17.25 लाख मी.ट. [1, पृ. 17]।
  13. MoFPI सूची (15.05.2024) में राजस्थान के नामित फूड पार्क: 12; इनमें MoFPI द्वारा स्वीकृत मेगा फूड पार्क अजमेर (रूपनगढ़) और बीकानेर (पलाना) [17, पृ. 21-22]।
  14. RIPS 2024 में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण MSME को पूंजी अनुदान: 50%, अधिकतम ₹1.5 करोड़ [8, पृ. 45]।
  15. ODOP में श्रीगंगानगर का उत्पाद: सरसों तेल; नागौर: पान मेथी एवं मसाला प्रसंस्करण [1, पृ. 100]।
  16. कृषि बजट 2026-27 का कुल प्रावधान: ₹1,19,40,811.48 लाख [5, पृ. 24]।

15. मुख्य परीक्षा हेतु अभ्यास प्रश्न

  1. राजस्थान के कृषि GVA में पशुधन का हिस्सा फसल क्षेत्र से अधिक होने के आर्थिक निहितार्थ स्पष्ट कीजिए। (100 शब्द)
  2. राजस्थान में शुद्ध सिंचित क्षेत्र की नलकूपों पर निर्भरता से जुड़ी चुनौतियों की विवेचना कीजिए। (100 शब्द)
  3. राजस्थान के कृषि जलवायु क्षेत्र I-A और V की तुलना वर्षा, मृदा और फसल प्रतिरूप के आधार पर कीजिए। (50 शब्द)
  4. RIPS 2024, ODOP नीति 2024 और कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 राज्य में कृषि प्रसंस्करण उद्योगों को किस प्रकार प्रोत्साहित करती हैं? (100 शब्द)
  5. राजस्थान में कटाई-पश्चात प्रबंधन की स्थिति और भंडारण क्षमता के उपयोग पर टिप्पणी कीजिए। (50 शब्द)
  6. राजस्थान में नामित फूड पार्कों और कृषि प्रसंस्करण क्लस्टरों की स्थिति का वर्णन कीजिए। (50 शब्द)
  7. राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन और परंपरागत कृषि विकास योजना के उद्देश्य बताइए। (50 शब्द)

16. संदर्भ सूची

प्रारूप: शीर्षक — प्रकाशक — प्रकाशन/जारी करने की तिथि — URL

  1. Economic Review 2025-26 (English) — Directorate of Economics & Statistics, Statistics Department, Government of Rajasthan — राज्य बजट 2026-27 (11 फरवरी 2026) के साथ जारी; दस्तावेज़ में मुद्रित तिथि नहीं — https://finance.rajasthan.gov.in/docs/budget/statebudget/2026-2027/Economicreviewe.pdf (हिंदी संस्करण: https://finance.rajasthan.gov.in/docs/budget/statebudget/2026-2027/Economicreviewh.pdf)
  2. Agricultural Statistics of Rajasthan 2023-24 — Directorate of Economics & Statistics, Government of Rajasthan — संदर्भ वर्ष 2023-24; प्रकाशन तिथि मुद्रित नहीं — https://rajas.rajasthan.gov.in/PDF/562026121630PMbook.pdf
  3. Final Estimates of Area, Production and Yield of Crops, Rajasthan 2025-26 (Statement-I) — Directorate of Economics & Statistics, Government of Rajasthan — पोर्टल पर जारी तिथि 06/08/2026 — https://rajas.rajasthan.gov.in/PDF/872026121954PMFinalEstimatePerforma.pdf
  4. Final Estimates of Area, Production and Yield of Crops, Rajasthan 2024-25 (Statement-I) — Directorate of Economics & Statistics, Government of Rajasthan — पोर्टल पर दर्ज तिथि 26/09/2026 — https://rajas.rajasthan.gov.in/PDF/116202624440PMAPYProformanew.pdf
  5. आय-व्ययक अनुमान 2026-27, खण्ड 4 द: कृषि बजट — वित्त विभाग, राजस्थान सरकार — 2026-27 — https://finance.rajasthan.gov.in/docs/budget/statebudget/2026-2027/Vol4d.pdf
  6. Agro-Climatic Zones Overview — Directorate of Economics & Statistics, Government of Rajasthan — पोर्टल पर तिथि 01/07/2021 — https://rajas.rajasthan.gov.in/PDF/121202251359PMAgro_Zones.pdf
  7. Agricultural Statistics at a Glance 2024-25 — Economics, Statistics & Evaluation Division, Department of Agriculture & Farmers Welfare, Government of India — प्रकाशन तिथि मुद्रित नहीं — https://nccd.gov.in/uploads/Agricultural_Statisitcs_at_a_Glance_2024_25_11da3cd37d.pdf
  8. Rajasthan Investment Promotion Scheme 2024 — Finance Department (Tax Division), Government of Rajasthan — आदेश दिनांक 8 अक्टूबर 2024 — https://rising.rajasthan.gov.in/storage/app/public/files/pdf/rips-2024.pdf (दस्तावेज़ का अधिकांश भाग स्कैन छवि है; पृष्ठ 14-122 के तथ्य OCR से पढ़े गए)
  9. Rajasthan One District One Product (ODOP) Policy 2024 — Department of Industries & Commerce, Government of Rajasthan — दस्तावेज़ में जारी करने की तिथि मुद्रित नहीं; 31 मार्च 2029 तक प्रभावी — आधिकारिक URL इस संकलन में सत्यापित नहीं (उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PDF)
  10. Rajasthan Agro-processing, Agri-business & Agri-export Promotion Policy 2019 — Government of Rajasthan (Agriculture Department) — 2019 — https://istart.rajasthan.gov.in/public/Policies/Rajasthan-Agri-Business-Policy-2019.pdf
  11. Rajasthan govt announces to dissolve 9 out of 17 districts created by previous govt — News On AIR (Prasar Bharati) — 28 दिसंबर 2024 — https://www.newsonair.gov.in/rajasthan-govt-announces-to-dissolve-9-out-of-17-districts-created-by-previous-govt
  12. Rajasthan Cabinet Food Park Policy 2026 Approved — राजस्थान पत्रिका — 7 अगस्त 2026 — https://www.patrika.com/jaipur-news/rajasthan-cabinet-food-park-policy-2026-approved-20814655 (समाचार स्रोत; नीति पाठ का विकल्प नहीं)
  13. Economic Review 2024-25 (English) — Directorate of Economics & Statistics, Government of Rajasthan — राज्य बजट 2025-26 के साथ जारी — https://finance.rajasthan.gov.in/docs/budget/statebudget/2025-2026/EconomicReviewE.pdf
  14. Key Agricultural Statistics at a Glance – Rajasthan (Annexure 4) — Directorate of Economics & Statistics, Government of Rajasthan — तिथि मुद्रित नहीं — https://rajas.rajasthan.gov.in/PDF/521202442957PMindicators.pdf
  15. Agriculture Statistics Portal (Publications & Bulletins) — Directorate of Economics & Statistics, Government of Rajasthan — पोर्टल — https://rajas.rajasthan.gov.in/
  16. राजस्थान कैबिनेट के बड़े फैसले: वन स्टेट-वन इलेक्शन, OBC सिफारिशों को मंजूरी, कृषि-फूड पार्क नीति स्वीकृत — प्रातःकाल (Pratahkal Jaipur Bureau) — 7 अगस्त 2026 — https://www.pratahkal.com/jaipur/rajasthan-cabinet-meeting-decisions-food-park-policy-1620251 (समाचार स्रोत; मंत्रियों की प्रेसवार्ता की रिपोर्ट; नीति पाठ का विकल्प नहीं)
  17. Office Memorandum F.No.15-MFPI/14-Mega FP: Setting up of a special fund of Rs. 2,000 Crore in NABARD to make available affordable credit to agro processing units – Consolidated list of 325 Designated Food Parks as on 15.05.2024 — Ministry of Food Processing Industries, Government of India — 17 मई 2024 — आधिकारिक URL इस संकलन में सत्यापित नहीं (उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध स्कैन PDF, फ़ाइल नाम designated_fp_325_17_05_2024_0.pdf)
  18. Agri and Food Processing (sector page) — Bureau of Investment Promotion, Government of Rajasthan — पेज पर अंतिम अद्यतन 3 सितंबर 2026 — https://rising.rajasthan.gov.in/agri-and-food-processing (निवेश संवर्धन पेज; तथ्य मूल स्रोत से मिलाकर ही प्रयुक्त)
  19. पशुपालन सांख्यिकी (एएचएस) — पशुपालन और डेयरी विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय, भारत सरकार — पेज पर अंतिम अद्यतन 15 सितंबर 2026 — https://dahd.gov.in/hi/schemes/programmes/animal-husbandry-statistics
  20. Basic Animal Husbandry Statistics 2025: Brochure — Department of Animal Husbandry & Dairying, Government of India — विभाग के पेज पर प्रकाशन तिथि 26.11.2025 — https://dahd.gov.in/sites/default/files/2025-11/BAHS2025Brochure.pdf
  21. LIVESTOCK CENSUS (लोकसभा में लिखित उत्तर) — Press Information Bureau, Ministry of Fisheries, Animal Husbandry & Dairying — 25 मार्च 2025 — https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2114720
  22. कृषि संगणना 2021-22 के लिए डेटा संग्रह अनुसूची (चरण II) संबंधी निर्देश-पुस्तिका — कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार — तिथि मुद्रित नहीं (PDF फ़ाइल 7 जून 2024 की) — आधिकारिक URL इस संकलन में सत्यापित नहीं (उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध PDF, UM_II_Hindi.pdf; पृष्ठ संख्या PDF फ़ाइल के क्रम में)
  23. Union Minister of Agriculture and Farmers Welfare launches the 11th Agriculture Census in the country — Press Information Bureau, Ministry of Agriculture & Farmers Welfare — 28 जुलाई 2022 — https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=1845856
  24. निष्पादन आय-व्ययक वित्तीय वर्ष 2026-27 — कृषि विभाग, राजस्थान, जयपुर — वित्तीय वर्ष 2026-27 (प्रकाशन तिथि मुद्रित नहीं; व्यय आंकड़े 15 जनवरी 2026 तक) — आधिकारिक URL इस संकलन में सत्यापित नहीं (उपयोगकर्ता द्वारा उपलब्ध स्कैन PDF, G0262026274.pdf; पृष्ठ संख्या दस्तावेज़ में मुद्रित क्रम से; OCR के बाद अंक मूल छवि से मिलाए गए)
  25. Department of Agriculture & Farmers Welfare Releases Second Advance Estimates of Horticultural Crop Area and Production for 2025–26 — Press Information Bureau, Ministry of Agriculture & Farmers Welfare — 11 जून 2026 — https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2271770
  26. Ministry of Food Processing Industries: होम पेज (घोषणाएँ) — खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार — घोषणा दिनांक 21.08.2026 — https://www.mofpi.gov.in/
  27. Union Minister Shri Rajiv Ranjan Singh set to launch the 21st Livestock Census Operation tomorrow — Press Information Bureau, Ministry of Fisheries, Animal Husbandry & Dairying — 24 अक्टूबर 2024 — https://www.pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2067760

17. जो तथ्य इस अध्याय में शामिल नहीं किए गए

डेटा अपडेट चेक (16 सितंबर 2026)

स्रोतइस अध्याय में प्रयुक्तजाँच का परिणाम
DES राजस्थान कृषि सांख्यिकी2023-24पोर्टल पर इससे नया संस्करण सूचीबद्ध नहीं [15]
DES राजस्थान APY बुलेटिन2025-26 अंतिम (06.08.2026)नवीनतम [15]
DES क्षेत्र अनुमान (TRS)2024-25नवीनतम [15]
आर्थिक समीक्षा2025-26नवीनतम; अगला संस्करण बजट 2027-28 के साथ अपेक्षित
कृषि बजट एवं निष्पादन आय-व्ययक2026-27नवीनतम
Agricultural Statistics at a Glance2024-25इससे नया संस्करण नहीं मिला
राष्ट्रीय उद्यानिकी अनुमान2024-25 अंतिम, 2025-26 द्वितीय अग्रिमराष्ट्रीय आंकड़े जोड़े; राज्यवार नहीं मिले [25]
बुनियादी पशुपालन सांख्यिकी2025नवीनतम [19]
21वीं पशुगणनापरिणाम सूचीबद्ध नहीं [19]
11वीं कृषि गणनाराज्य परिणाम नहीं मिले
MoFPI नामित फूड पार्क सूची15.05.2024इससे नई सूची नहीं मिली; MoFPI ने 21.08.2026 को रिफाइनेंस योजना दिशानिर्देश जारी किए [26]
कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026प्रेसवार्ता रिपोर्टअधिसूचना नहीं मिली
  • 11वीं कृषि गणना (2021-22) के राज्य परिणाम: सत्यापित स्रोतों में उपलब्ध नहीं; खंड 2.2 में केवल इसकी पद्धति दी गई है [22; 23]।
  • 21वीं पशुगणना के राज्य आंकड़े: पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सांख्यिकी पेज (15 सितंबर 2026 तक) पर परिणाम रिपोर्ट सूचीबद्ध नहीं [19]; अध्याय में 20वीं पशुगणना (2019) के आंकड़े हैं।
  • उद्यान विभाग के ज़िलेवार फल-सब्ज़ी आंकड़े: सत्यापित स्रोतों में उपलब्ध नहीं।
  • केवल एग्रीगेटर/समाचार स्रोतों में मिली अपुष्ट जानकारी: खंड 18 में अलग से दी गई है।
  • फूड पार्कों के चालू होने की स्थिति और 15.05.2024 के बाद नामित पार्क: MoFPI सूची [17] में उपलब्ध नहीं।
  • कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 और फूड पार्क विकास नीति-2026 का अधिसूचित पाठ: उपलब्ध नहीं। अध्याय में इनके प्रावधान केवल प्रेसवार्ता की समाचार रिपोर्ट [16] के आधार पर हैं; फूड पार्कों की चार श्रेणियों का विवरण रिपोर्ट में नहीं है।

18. परिशिष्ट: अपुष्ट जानकारी (द्वितीयक स्रोत)

सावधानी: इस खंड की जानकारी कोचिंग/एग्रीगेटर वेबसाइटों, समाचार पत्रों, सोशल मीडिया या निवेश-प्रचार पेज से ली गई है। इन्हें किसी आधिकारिक आंकड़ा-प्रकाशन से सत्यापित नहीं किया जा सका। उत्तर लिखते समय इन्हें तथ्य के रूप में न लिखें; आधिकारिक पुष्टि मिलने पर ही उपयोग करें। जहाँ आधिकारिक स्रोत से अंतर है, वहाँ वह भी लिखा है।

18.1 खाद्य प्रसंस्करण: एग्रीगेटर लेख में दिए दावे [S1]

दावास्थिति
राज्य में 2 कृषि निर्यात क्षेत्र (AEZ): धनिया के लिए (कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़) और जीरा के लिए (नागौर, बाड़मेर, जालोर, पाली, जोधपुर)आधिकारिक पुष्टि नहीं (APEDA का मूल दस्तावेज़ नहीं मिला)
141 मुख्य मंडी यार्ड और 315 उप-मंडी यार्ड; 8 एगमार्क प्रयोगशालाएँआधिकारिक पुष्टि नहीं; वर्ष नहीं दिया
फल, सब्ज़ी, औषधीय पौधों, जौ, मक्का और सुगंधित पौधों के लिए संविदा खेती की अनुमति; फल-सब्ज़ी पर बाज़ार शुल्क माफ़आधिकारिक पुष्टि नहीं; अधिसूचना/तिथि नहीं दी
सूक्ष्म एवं लघु क्षेत्र में लगभग 10,000 और मध्यम-बड़े क्षेत्र में लगभग 75 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँआधिकारिक पुष्टि नहीं; वर्ष नहीं दिया
RIICO के 344 औद्योगिक क्षेत्रों में से 26 खाद्य प्रसंस्करण के लिए उपयुक्तआधिकारिक पुष्टि नहीं; वर्ष नहीं दिया
खाद्य प्रसंस्करण क्लस्टर: मसाला (कोटा, जोधपुर, बीकानेर, जयपुर), दुग्ध (अलवर, जयपुर, अजमेर, बीकानेर), दाल (जोधपुर, बीकानेर, जयपुर), स्नैक्स (बीकानेर, जयपुर), सरसों-सोयाबीन (कोटा, बूंदी), जौ (जयपुर, सीकर, दौसा, टोंक, बूंदी), मक्का (भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा), गेहूँ (जयपुर, अलवर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, कोटा, बूंदी, बारां), तेल (अलवर, गंगानगर, भरतपुर, बूंदी, कोटा), फल-सब्ज़ी (सीकर, अजमेर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़)आधिकारिक पुष्टि नहीं
राज्य में 6 फूड पार्क: अजमेर में मेगा फूड पार्क और अलवर, कोटा, जोधपुर, श्रीगंगानगर में अन्यआधिकारिक स्रोत से अंतर: MoFPI सूची (15.05.2024) में राजस्थान की 12 प्रविष्टियाँ हैं [17]
"राजस्थान कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि विपणन प्रोत्साहन नीति-2015" और "RIPS 2014" लागूपुरानी जानकारी: वर्तमान में RIPS 2024 लागू है [8]; 2019 की नीति 31.3.2024 को समाप्त हुई [10]; 2026 की नई नीति को मंत्रिमंडल मंज़ूरी मिली है [16]
कृषि एवं संबद्ध गतिविधियाँ राज्य GDP का 24% और 62% कामकाजी आबादी कृषि पर निर्भरआधिकारिक स्रोत से अंतर/अप्रमाणित: वर्ष नहीं दिया; आर्थिक समीक्षा के अनुसार 2025-26 में GVA में हिस्सा 25.74% [1, पृ. 3]

18.2 निवेश संवर्धन पेज के दावे, जिनका मूल आंकड़ा-स्रोत नहीं मिला [18]

यह पेज राज्य सरकार (निवेश संवर्धन ब्यूरो) का है, पर इसमें आंकड़ों के मूल स्रोत और वर्ष नहीं दिए गए हैं।

  • राजस्थान मोठ, सरसों, बाजरा, ग्वार गम, तिलहन, मेथी, इसबगोल, औषधीय-सुगंधित फसलों और मोटी ऊन के उत्पादन में प्रथम; मसाले, सौंफ, जीरा, दलहन, लहसुन, मोटे अनाज और धनिया में द्वितीय; 2023-24 में जैविक उत्पादन में तृतीय।
  • अजमेर का ग्रीनटेक मेगा फूड पार्क "चालू" है (MoFPI सूची में केवल "MoFPI द्वारा स्वीकृत" लिखा है [17])।
  • राज्य में 415 से अधिक विकसित औद्योगिक क्षेत्र और 51,500 हेक्टेयर औद्योगिक भूमि उपलब्ध।
  • कृषि प्रसंस्करण क्लस्टर जयपुर, जोधपुर और टोंक में (आधिकारिक स्रोत से अंतर: MoFPI सूची में टोंक, जालोर, जयपुर और भीलवाड़ा [17])।

18.3 समाचार, सोशल मीडिया और कोचिंग सामग्री

  • "अपनी उपज-अपना उद्योग" अभियान: एक समाचार पत्र ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण नीति-2026 की मंज़ूरी को अपने इस अभियान का परिणाम बताया [S6]; एक कोचिंग वेबसाइट ने भी इसका उल्लेख किया [S2]। यह सरकार का कोई आधिकारिक अभियान है, इसकी पुष्टि नहीं हुई।
  • 11वीं कृषि गणना: PIB के सोशल मीडिया (X) पोस्ट (21 जुलाई 2026) के अनुसार तीनों चरणों का फील्ड कार्य व आंकड़ा संग्रह निर्धारित समय में पूरा हो चुका है [S4]। इससे जुड़ी PIB विज्ञप्ति इस संकलन में नहीं खुल सकी।
  • 11वीं कृषि गणना के राष्ट्रीय परिणाम: एक कोचिंग वेबसाइट (मई 2026) के अनुसार 2026 की शुरुआत तक प्रकाशित नहीं हुए थे और प्रसंस्करण/सत्यापन के चरण में थे [S3]।
  • राष्ट्रीय खाद्यान्न उत्पादन: एक कोचिंग वेबसाइट के अनुसार 2025-26 के तृतीय अग्रिम अनुमान (मई 2026) में देश का खाद्यान्न उत्पादन 376.56 मिलियन टन है, जो उसी वर्ष के उद्यानिकी उत्पादन (377.78 मिलियन टन) से थोड़ा कम है [S5]। खाद्यान्न का यह आंकड़ा आधिकारिक विज्ञप्ति से मिलाया नहीं गया; उद्यानिकी का आंकड़ा आधिकारिक है [25]।

द्वितीयक स्रोत सूची

  1. राजस्थान में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग — RajRAS (एग्रीगेटर) — तिथि उपलब्ध नहीं — https://rajras.in/food-processing-industries-rajasthan/
  2. Rajasthan Agriculture & Food Processing Policies 2026 Approved — RASOnly (कोचिंग वेबसाइट) — 8 अगस्त 2026 — https://rasonly.com/current-affairs/rajasthan-agriculture-food-processing-policies-2026-approved
  3. Agricultural Census India: 10th & 11th — Agridots (कोचिंग वेबसाइट) — 1 मई 2026 — https://agridots.com/courses/exam-ibps-afo/agriculture/extension-and-rural-development/03-06-agricultural-census
  4. Agricultural Census (2021-22) पोस्ट — PIB India, X (सोशल मीडिया) — 21 जुलाई 2026 — https://x.com/PIB_India/status/2079548980644770133
  5. Horticulture Second Advance Estimates 2025-26 — Anantam IAS (कोचिंग वेबसाइट) — 12 जून 2026 — https://anantamias.com/current-affairs/horticulture-second-advance-estimates-2025-26/
  6. Patrika Impact: 'अपनी उपज-अपना उद्योग' अभियान पर भजनलाल सरकार की मुहर — राजस्थान पत्रिका — 8 अगस्त 2026 — https://www.patrika.com/jaipur-news/rajasthan-food-processing-policy-2026-patrika-abhiyan-impact-20815014